सांसर में आज भी द्वंद पांडव और कौरव प्रवृति के बीच ही है
प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा हरे माधव नगर में गीता प्रवचन का शुभारंभ
Seoni 24 December 2024
सिवनी यशो:- प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय सिवनी (Prajapita Brahma Kumari Divine University Seoni) के द्वारा स्टेडियम के पास हरे माधव नगर में गीता प्रवचन का शुभारंभ किया गया। प्रवचन के प्रथम सत्र में योग शक्ति आस्था दीदी ने पांडवों और कौरवों की विशेषताओं का वर्णन करते हुए इस बात का एहसास कराया की वर्तमान समय संसार में लगभग 5 प्रतिशत पांडव प्रवृत्ति के लोग और ज्यादातर कौरव प्रवृत्ति के लोग उपस्थित हैं और इन्हीं के बीच प्रतिदिन द्वंद्व की स्थिति निर्मित होती है अर्थात महाभारत काल अभी ही चल रहा है जिसमें हम स्वयं को चेक करें कि हम पांडव प्रवृत्ति वाले हैं या कौरव प्रवृत्ति वाले हैं।
गीता प्रवचन के पश्चात 23 दिसंबर राष्ट्रीय किसान दिवस के अवसर पर अतिथि के रूप में उपस्थित भ्राता पुनाराम कुल्हाडे जी(प्रधान संपादक कृषक समाज विकास राष्ट्रीय कृषक पत्रिका) ने राष्ट्रीय किसान दिवस की शुभकामनाएं दी। भ्राता रामचंद्र सनोडीया जी (सेवानिवृत शिक्षक एवं वरिष्ठ किसान) अपनी शुभकामनाएं व्यक्त की।
ब्रह्माकुमारी गीता दीदी जी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय किसान दिवस पर सभी किसानों को सदा स्वस्थ, सुखी, प्रसन्न रहने की शुभकामनाएं दी और कहा गीता प्रवचन के बीच में राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जा रहा है इसीलिए हमने विषय रखा है गीता ज्ञान कृषि विज्ञान जिस तरह कृषि हमें सिखाती है कि हम जो बीज खेत में बोते हैं वही फल काटने पड़ते हैं, इसी प्रकार से श्रीमद् भगवत गीता हमें सिखाती है कि हम जैसा कर्म करते हैं वैसा फल प्राप्त करते हैं ,दोनों का संदेश एक ही है इसलिए आज सभी दृढ़ प्रतिज्ञा करें की मन वचन कर्म से हम वही देंगे जो हम सामने वाले से पाना चाहते हैं, यदि हमें अपना भविष्य उज्जवल बनाना है तो इसके लिए अपने मन वचन कर्म पर बार-बार अटेंशन देकर प्रत्येक कर्म करना होगा, इसलिए श्रीमद् भगवत गीता में कहां है ,जैसा कर्म करेगा वैसा फल देगा भगवान यह है गीता का ज्ञान ।
हमे भगवान से डरने की जरूरत नहीं है ,यदि डर हो तो केवल अपने कर्म से ।क्योंकि भगवान हमें माफ कर सकते हैं, लेकिन हमारे कर्म हमें कभी माफ नहीं करते, आज हमारा जो जीवन है वह हमारे कर्मों का परिणाम है किसान भाइयों के लिए दीदी ने कहा किसान के पास हल है यानी सर्व समस्याओं का समाधान है किसान हमेशा अपनी शान में रहे परेशान ना रहे किसान एक मां की तरह है जैसे छोटे बच्चों को मां चाहे अमृत पिला दे चाहे जहर पिला दे उस बच्चे को कोई समझ नहीं होती है इसी प्रकार से किसान इस संसार के सभी वर्ग के लोगों का मात-पिता के समान है वह चाहे तो अनाज में जहर मिला दे और वह चाहे तो अनाज को अमृत बना दे इसलिए किसान को कोशिश करना चाहिए कि संसार को बहुत अधिक रासायनिक खाद डालकर जहर न परोसे क्योंकि हम संसार को जो देंगे वही हमें भी एक दिन खाना पड़ेगा।



