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भारत माता पूजन के साथ हुआ हल्दी-कुमकुम एवं बालिका पूजन

नपाध्यक्ष ने तिलक लगाकर दिलाई स्वच्छता की शपथ, सुहागिनों ने गाये भक्तिगीत

Balaghat 24 January 2025
बालाघाट यशो:- भारतीय संस्कृति और परंपरा में हल्दी-कुमकुम का विशेष महत्व है, पेशवा साम्राज्य के दौरान यह परंपरा प्रारंभ हुई थी जब पुरूष युद्ध लडऩे चले जाते थे और वर्षों तक घर नहीं लौटते थे, तब महिलायें ने आपस में मिलने के लिए हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम को उत्साह के साथ मनाती थी, तब से अब तक धार्मिक वातावरण में यह आयोजन चला आ रहा है। 24 जनवरी को नगर पालिका परिषद सभागार में हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम के साथ ही राष्ट्रीय बालिका दिवस पर कन्या पूजन कार्यक्रम आहुत किया गया। सर्वप्रथम भारत माता का पूजन कर आरती किया गया और कार्यक्रम की शुरूआत हुई जहां देवी स्वरूपा कन्याओं के पैर पखारे गये वहीं महिलाओं ने सुमधुर भक्ति भजनों की प्रस्तुतियां दी तिलक वंदन कर अखण्ड सौभाग्य के साथ ही परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की गई।

भारतीय परंपरा का प्रतीक है हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम नपाध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर ने बताया कि भारतीय संस्कृति में किसी भी पर्व और त्यौहार को लेकर हिंदू परंपरायें और मान्यतायें जुड़ी हैं, वर्ष के पहले त्यौहार मकर संक्रांति के साथ से महिलाओं द्वारा मनाया जाने वाला त्यौहार हल्दी-कुमकुम भारतीय संस्कृति में महिलाओं के सौभाग्य का प्रतीक है। मकर संक्रांति पर सूर्य के उत्तरायण होने के साथ ही प्रारंभ हुआ महिलाओं के सौभाग्य का यह पर्व विशेष महत्व रखता है। इस दौरान नपाध्यक्ष ने यहां पहुंची महिलाओं को तिलक लगाया और स्नेहपूर्वक मिलकर उन्हें उपहार भेंट किया।

महिलाओं में हल्दी-कुमकुम आयोजन का उत्साह देखते बनता था जहां भक्ति भजन गाते हुए महिलाएं झूमती रही। राष्ट्रीय बालिका दिवस पर दिया बेटी-पढ़ाओं का संदेश राष्ट्रीय बालिका दिवस 24 जनवरी के अवसर पर हल्दी-कुमकुम कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं का पैर पखारे गये और उन्हें उपहार भेंट किये गये। इस अवसर पर मौसम दीदी ने कहा कि नारी सशक्तिकरण की दिशा में भाजपा सरकार ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, लाड़ली बहना योजना के साथ ही वृद्धावस्था पेंशन योजना चलाई है।

भ्रूण हत्या करके बालिकाओं को गर्भ में ही समाप्त किया जाता था, लेकिन आज के युग में नारी शक्ति हर क्षेत्र में सफल हो रही है, बेटियों की शिक्षा के लिये सरकार भी छात्रवृत्ति के अलावा विदेश में अध्ययन करने तक के लिये राशि दे रही है। युग बदला है जिसमें बेटा और बेटी में कोई फर्क नहीं है। नपाध्यक्ष ने संदेश दिया कि बेटी-पढ़ाओ, बेटी बचाओ अभियान के तहत बालिकाओं को शिक्षित किया जाये ताकि शहर, देश और जिले के साथ ही देश का नाम बेटियां गौरवान्वित कर सके। इनकी रही उपस्थिति नपा कार्यालय सभागार में आयोजित हल्दी-कुमकुम एवं बालिका दिवस आयोजन में श्रीमती रेखा बिसेन, लता एलकर, शान्ता तिवारी, निर्मला त्रिपाठी, मौसम हरिनखेड़े,नपा सभापति योगिता कावरे, योगिता बोपचे, संगीता थापा, पार्षद नरगिस खान, बीना वर्मा, रैना सुराना के अलावा नगर की सभी सामाजिक, स्वयंसेवी संगठनों की महिलाओं ने बड़ी सँख्या में हिस्सा लिया ।

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