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मनोरंजनसिवनी

 अपनी तमाम उम्र कटी उलझनों के साथ, सुभद्रा स्मृति समारोह धूमधाम से मनाया गया

Seoni 18 February 2025
 सिवनी यशो:- महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध कयिवित्री सुभद्रा कुमारी चौहान जी का स्मृति समारोह आज दिनांक 15 फरवरी को सुभद्रा स्मारक स्थल ग्राम कलबोड़ी में धूमधाम से मनाया गया।
        सर्व प्रथम कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मौनी दादा आश्रम मझगवा के प्रभारी स्वामी बलवंत आनंद जी महाराज एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव चातक एवं अन्य अतिथियों ने सुभद्रा कुमारी चौहान जी के स्मारक में उनके छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
        तत्पश्चात सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति मंच के अध्यक्ष मोहन सिंह चंदेल एवं साथियों ने समस्त अतिथि गणों का पुष्प हार से स्वागतकिया।
        प्रारंभ में ग्राम कलबोड़ी एवं क्षेत्रीय कलाकारों सुभाष वर्मा जयराम सनो्िर्रडया ब्रजमोहन मर्सकोले उर्फ गुड्डा भैया व रामजी चंद्रवंशी ने अपने भजन
प्रस्तुत किए।
       तत्पश्चात प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय कलबोड़ी एवं बिहिरिया के छात्र-छात्राओं द्वारा सुभद्रा कुमारी चौहान जी के गीतों की बहुत ही मनमोहक प्रस्तुति दी जिसे लोगों ने बहुत सराहा। इस अवसर पर बोलते हुए स्वामी बलवंत आनंद जी ने कहा कि सुभद्रा कुमारी चौहान एक ऐसी रचनाकार रही है की जिनकी रचनाओं को सुनकर देशवासियों की रगों में देश प्रेम का खून उबाल मारने लगता था। उन्होंने एक संस्मरण बताते हुए कहा कि कांग्रेस के त्रिपुरी अधिवेशन में जब उन्होंने खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी कविता को सुनाया था तब इस कविता को सुनकर गांधी जी रो पड़े थे।
      श्री बलवंत आनंद महाराज ने कार्यक्रम में सहयोग देने वाले सभी साथियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि आप लोग इस कार्य क्रम में सहयोग करते रहें यह महान कार्य है।
        शासकीय महाविद्यालय शिवानी के हिंदी विभाग के प्राध्यापक सत्येंद्र शेदे ने कहा कि सुभद्रा जी हमारी सिवनी से बहुत गहरे से जुड़ी थीं। उन्होंने हमारी मिट्टी में अपना लहू भी बहा दिया परंतु हम उनकी स्मृति में किसी संस्था का नामकरण उनके नाम पर नहीं कर पाए हैं। उन्होंने सिवनी के राजनैतिक लोगों से इस दिशा में पहल करने का आव्हान किया।
       इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कार्यक्रम के आयोजक एवं सुभद्रा कुमारी चौहान स्मृति मंच के अध्यक्ष मोहन सिंह चंदेल ने कहा कि सुभद्रा जी ने स्वतंत्रता संग्राम में अपनी सक्रिय भागीदारी के साथ-साथ राष्ट्र प्रेम से ओत प्रोत साहित्य का भी सृजन किया है। उनकी स्मृति को बनाए रखना हम सभी का दायित्व है। हम उनका स्मृति समारोह एवं काव्य गोष्ठी व कवि सम्मेलन का आयोजन कर इसी दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। एवं इसमें आप सभी की सहभागिता चाहते हैं। श्री चंदेल ने विगत 25 वर्षों से आयोजित हो रहे साहित्यिक आयोजन में लोगों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।
       कार्यक्रम को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के अध्यक्ष धनंजय सिंह एवं उत्तर प्रदेश सरकार की राजपत्रित अधिकारी डॉ दिव्या पटेल ने भी संबोधित किया।
        सुभद्रा स्मृति समारोह कार्यक्रम का संचालन मंच के सचिव एवं वरिष्ठ कवि सुरेंद्र सिसोदिया अनुज ने किया एवं इस अवसर पर आयोजित काव्य गोष्ठी का संचालन कुरई क्षेत्र के वरिष्ठ गीतकार भारत  बटोही ने किया।
          उपस्थित साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से सुभद्रा जी को काव्यांजलि दी। 
काव्य गोष्ठी
1- अनीता ”कौसरÓÓ  –   फैल रहा और फैलेगा संसार बेटी से।
                    कर लो कर लो तुम भी कर लो प्यार बेटी से ।।
2- सिराज कुरैशी     –   हम दुश्मनों में थे न कभी दोस्तो के साथ।
                     अपनी तमाम उम्र कटी उलझनों के साथ।।

3- योगेश ”योगीÓÓ    –     बच्चों को लाड़ दुलार प्यार सिखाइए

                        भले जहाज, एरोप्लेन प्यार सिखाइए

                        वे ये तो सब बाद में सीख ही लेंगे।

                        सबसे पहले अच्छे संस्कार सिखाइए।।

4-सुरेन्द्र सिसोदिया ”अनुजÓÓ- तेईस वर्षीय महारानी झांसी की लक्ष्मी बाई थी।
                   दूर गुलामी को करने की जिसने लड़ी लड़ाई थी।।
                   अंग्रेजों से लड़ते लड़ते लहू धरा पर बहा गई
                   दूध छिन गया बेटे से, पर भारत माता नहा गई।
                   उस ममता मयी दूध की खुश्बू आन समाई माटी में।
                        इसीलिए है इतनी खुश्बू मेरी भारत माटी में।
5- भारत लाल डहरवाल – न मैं सीमा का रक्षक हूॅ, न मैं कुर्सी का शिक्षक हूॅ।
                    सत्ता के गलियारों में भी मैं किसी का समर्थक हूॅ।।
                 अज्ञान अंधेरा मिटाने वाला, मैं बस छोटा सा दीपक हूॅ।
                मुझे नाज है खुद पर क्योंकि मैं सीधा साधा शिक्षक हूॅ।।   
6-मिन्हाज कुरैशी –         सितमगरों की सितमगरियों को भूल गये
                        कि हम बुर्जुगों की कुर्बानियों को भूल गये
                        मिली है जिनकी बदौलत हमें ये आजादी
                        गजब है उन्ही सेनानियों को भूल गये।।
7- सोनू नेमा ”सौरभÓÓ – हिन्दी हमारी मातृभाषा इससे हमारा नाता है।
                    हिन्दुस्तान में रहने वालों कहते हम इसे माता है।।
8- रमेश श्रीवास्तव ”चातकÓÓ-  हमने पढऩा लिखना सब कुछ, 
                          अपनों से ही सीखा है।
                        गिरके संभलना आगे बढऩा, 
                          अपनों से ही सीखा है।।
       इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत सदस्य श्रीमती आशा मोहन चंदेल श्रीमती किरण जैन श्री छीद्धि लाल श्रीवास श्री सोनू नेमा श्री भारत देहरवाल चंद श्रीमती अनीशा कौशर श्री सिराज कुरैशी श्री मिन्हाज कुरैशी श्री योगेश योगी  श्री हरिसिंह सनोदिया ग्राम के मुकद्दम श्री जीवन सिंह चंदेल भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष श्री धनंजय सिंह उत्तर प्रदेश से आई डॉक्टर दिव्या पटेल किसान  नेता श्री हुकुमचंद सनोदिया महिला नेता श्रीमती पवन रेखा रिनायत श्री संजय जैन संजू श्रीमती मनीषा चौहान श्री राज बहादुर चौहान श्री शुक्रवार जी श्री राजेश सिंह चौहान श्रीमती सविता गौतम श्री मस्तराम चंद्रवंशी श्री शोभाराम साहू एवं श्री कमलेश कुमार नागवंशी सहित बड़ी मात्रा में ग्रामवासी गण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मारुति नर्सिंग इंस्टिट्यूट के छात्र एवं छात्राओं की भी उपस्थित रही। कार्यक्रम के आयोजन में ग्राम पंचायत कलबोड़ी का विशेष सहयोग रहा।

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