सूचना के बाद भी नहीं जागे पुलिस अधिकारी, इसीलिये चली गई निर्दोष आदिवासी युवक की जान
जमुनिया में असामजिक तत्वों की पार्टी से बिगड़ रहा गांव का माहौल: सुनील उइके, एसपी व चौकी प्रभारी को पूर्व में ही सरपंच व रोजगार सहायक दे चुके थे सूचना
Chhindwara 10 March 2025
छिंदवाड़ा यशो:- पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की निष्क्रियता के चलते जिले में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चौपट हो चुकी है। बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते ही भाजपाइयों का विधवा विलाप प्रारंभ हो जाना इस बात का प्रमाण है कि भाजपा पुलिस को कार्यकर्ता बनाने पर अमादा है। सत्ता के हाथों में कठपुतली बन खेल रही पुलिस इतनी पंगु हो चुकी कि अपराध की पूर्व सूचना पर भी कर्रवाई नहीं कर पा रही। उक्त उदगार आज जारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से जामई विधायक सुनील उइके ने ग्राम जमुनिया में निर्दोष युवक की हत्या के मामले में पुलिस और भाजपा सांसद को आड़े हाथों लेते हुए व्यक्त किए।
श्री उइके ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में आगे कहा कि जिले में पुलिस भाजपा के इशारों पर काम कर रही। इसीलिए वह अपने नैतिक मूल्यों, कर्तव्यों, वर्दी का मान व देश भक्ति जनसेवा को दरकिनार कर भाजपा की सेवा एवं अपराधियों को संरक्षण देने वाले नारे को चरितार्थ कर रही। सिंगोड़ी पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम जमुनिया एवं झिरी में अपराधियों का जमावड़ा व निरंतर हो रही भोजन-शराब पार्टी ने गांव के सामाजिक सद्भाव को बिगाड़ दिया है।
जमुनिया ग्राम में बढ़ती अपराधिक गतिविधियों की पूर्व सूचना ग्राम सरपंच व रोजगार सहायक के द्वारा पुलिस अधीक्षक, सिंगोड़ी चौकी प्रभारी व धरमटेकड़ी चौकी प्रभारी को 25 जनवरी 2025 को ही दे दी गई थी। जनता के चुने हुए जनप्रतिनिधियों के द्वारा पूर्व में ही सूचित किया जा चुका था, किन्तु पुलिस अधीक्षक व चौकी प्रभारियों ने सरपंच व रोजगार सहायक की लिखित शिकायत को गम्भीरता से नहीं लिया, परिणाम स्वरूप ग्राम जमुनिया में एक निरअपराध आदिवासी युवक की निर्मम हत्या कर दी गई, अगर पुलिस समय पर जागी होती तो एक निर्दोष आदिवासी युवक की जान नहीं जाती।
हमारा उद्देश्य जिले की फिजा ना बिगड़े
जिले की लचर कानून व्यवस्था व पुलिस की मनमानी के सम्बध में मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ को लगातार सूचना प्राप्त हो रही थीं, जिसके चलते उन्होंने हर्रई थाना प्रभारी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की बात की साथ ही टीआई को अपना आचरण सुधारने की हिदायत दी थी, किन्तु भाजपा के सांसद को यह रास नहीं आया और उन्हें इतना बुरा लगा कि वे भाषा की मर्यादा को लांघ गए। भाजपा के दिग्गज नेता वर्षों से कमलनाथ के विकास व उनके कार्यों की खुले मंच से सराहना करते आए हैं, किन्तु चंद समय के सांसद अपनी बदजुबानी से जिले की राजनीतिक फिजा बिगाड़ रहे। कमलनाथ का एक ही मकसद रहा है कि छिन्दवाड़ा की आबोहवा में अपराध ना पनपें। कमलनाथ ने छिन्दवाड़ा संसदीय क्षेत्र में जो अमन, चैन व शांति की फिजा घोली है उसे हम आगे भी बनाएं रखना चाहते हैं। हम पुन: सांसद को स्मरण कराना चाहते हैं कि भाजपा के संरक्षण, पुलिस एवं प्रशासन की नाकामी से बिगड़ी कानून व्यवस्था पर कांग्रेस लगातार सवाल उठाएगी फिर चाहे जिसे बुरा लगे इसकी परवाह कांग्रेस नहीं करेगी।
पुलिस को सत्ता का संरक्षण मतलब अपराध बेहिसाब
जिले के पुलिस अधिकारी सत्ता की गोद में खेल रहे हैं, यानि अपराध बेहिसाब होना तय है, क्योंकि पुलिस को किसी का डर नहीं है, अपराधियों में पुलिस का डर नहीं बचा। कुल मिलाकर सभी बेलगाम है और जनता भगवान भरोसे हैं। पुलिस की कार्यप्रणाली इतनी लचर है कि जमुनिया ग्राम में आदिवासी युवक की हत्या के उपरांत मृतक के परिवारजनों को अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने शव रखकर प्रदर्शन व अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग करनी पड़ी तब जाकर पुलिस ने सक्रियता दिखाई, यह पुलिस और जिले के जिम्मेदार भाजपाइयों के लिए बेहद शर्म की बात है।
थम नहीं रही हर्रई टीआई की मनमानी
हर्रई थाना प्रभारी की मनमानी थमने का नाम नहीं ले रही तो वहीं जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों का भी इस ओर ध्यान नहीं है। गत दिवस दो पक्षों के बीच विवाद होने के उपरांत थाना प्रभारी ने अपनी मनमानी दिखाते हुए दोनों ही पक्ष के लोगों को हवालात में बंद कर दिया। आरोपी और पीडि़त दोनों पक्षों के साथ टीआई का एक जैस बर्ताव पुलिस की निष्पक्ष कार्रवाई पर सवाल खड़ा कर रहा है, जब इस सम्बंध पुलिस अनुविभागीय अधिकारी से बात की गई तब जाकर टीआई ने पीडि़त पक्ष को छोड़ा।





