पूरे जिले में फैलता ‘बंगाली डॉक्टर’ नेटवर्क — इलाज के नाम पर मौत का कारोबार
बिना पंजीयन ‘सिविल सर्जन’ बना रमेश सरकार, फर्जी इलाज से मरीजों की जान खतरे में
फर्जी बंगाली डॉक्टर
Seoni 26 February 2026
सिवनी यशो:- नगर के बस स्टैंड के पास बरघाट रोड पर संचालित एक कथित बंगाली दवाखाना इन दिनों क्षेत्र में भय, आक्रोश और चर्चा का विषय बना हुआ है। यहां क्लिनिक संचालक डॉ. रमेश सरकार स्वयं को किसी सिविल सर्जन से कम नहीं बताता है और लगभग हर बीमारी के इलाज का दावा कर रहा है।
डिग्री नहीं, पंजीयन नहीं — फिर भी इलाज जारी
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रमेश सरकार के पास कोई वैध चिकित्सा डिग्री अथवा मध्यप्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन नहीं है, इसके बावजूद वह वर्षों से खुलेआम मरीजों का इलाज कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, बिना पंजीयन इलाज करना कानूनन अपराध है, फिर भी यह अवैध क्लिनिक लंबे समय से प्रशासन की नज़रों से बचा हुआ है।
20 साल से क्षेत्र में सक्रिय, करोड़ों की संपत्ति का आरोप
बताया जा रहा है कि करीब दो दशक पहले क्षेत्र में आकर बसे रमेश सरकार ने फर्जी इलाज के सहारे भारी संपत्ति अर्जित कर ली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वह इंजेक्शन, ड्रिप और भारी दवाओं का मनमाने ढंग से उपयोग करता है, जिससे मरीजों की हालत अक्सर बिगड़ जाती है।
गलत इलाज से महिला की मौत, फिर भी चुप्पी
सूत्र यह भी बताते हैं कि इसी कथित चिकित्सक के गलत इलाज से एक महिला की मौत का मामला सामने आ चुका है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जो कई सवाल खड़े करती है।
पत्रकारों ने उठाई आवाज़, प्रशासन मौन
स्थानीय पत्रकारों द्वारा इस फर्जी क्लिनिक को लेकर कई बार समाचार प्रकाशित कर चेताया गया, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
यह चुप्पी कहीं न कहीं प्रशासनिक संरक्षण की आशंका को भी जन्म देती है।
जनता की मांग — हो निष्पक्ष जांच, बंद हों झोलाछाप क्लिनिक
क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस से मांग की है कि:
रमेश सरकार की योग्यता और पंजीयन की जांच की जाए
अवैध क्लिनिक को तत्काल सील किया जाए
जिले में सक्रिय अन्य झोलाछाप डॉक्टरों की सूची बनाकर कार्रवाई हो
ताकि आम जनता को इलाज के नाम पर मौत से बचाया जा सके।





