महिला सरपंच पर जंगली सूअर का हमला, कुत्तों ने बचाई जान, हालत गंभीर
Chhindwara Wild Boar Attack की मुख्य बातें
- हर्रई के ग्राम मोहरिया में महिला सरपंच पर जंगली सूअर का हमला
- मसूर की फसल काटने खेत गई थीं सरपंच लेखवाती उईके
- पालतू कुत्तों ने हमला कर जंगली सूअर को भगाया
- गंभीर हालत में पहले नरसिंहपुर फिर छिंदवाड़ा रेफर
- वन विभाग की टीम ने पहुंचकर दी सहायता
Chhindwara 15 March 2026
छिंदवाड़ा /हर्रई यशो:- छिंदवाड़ा जिले के हर्रई क्षेत्र में एक जंगली सूअर का हमला (Chhindwara Wild Boar Attack) की घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत मोहरिया की महिला सरपंच श्रीमती लेखवाती उईके पर खेत में काम करते समय अचानक जंगली सूअर ने हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गईं।
जानकारी के अनुसार हर्रई जागीर के अंतर्गत ग्राम मोहरिया में सरपंच लेखवाती उईके अपने खेत में मसूर की फसल की कटाई के लिए गई थीं। इसी दौरान अचानक जंगली सूअर ने उन पर हमला कर दिया। इस जंगली सूअर का हमला (Chhindwara Wild Boar Attack) में उनके पैर, पसलियों और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं।
कुत्तों ने बचाई सरपंच की जान
हमले के दौरान सरपंच द्वारा जोर-जोर से आवाज लगाने पर आसपास मौजूद पालतू कुत्ते मौके पर पहुंच गए और जंगली सूअर पर भौंकते हुए हमला कर दिया। कुत्तों के हमले से जंगली सूअर वहां से भाग गया और इस तरह इस जंगली सूअर का हमला (Chhindwara Wild Boar Attack) के दौरान सरपंच की जान बच सकी। ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुत्ते समय पर नहीं पहुंचते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
गंभीर हालत में अस्पताल रेफर
घायल सरपंच को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हर्रई लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पहले नरसिंहपुर और फिर जिला अस्पताल छिंदवाड़ा रेफर किया गया। फिलहाल इस (Chhindwara Wild Boar Attack) में घायल सरपंच का इलाज छिंदवाड़ा में जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
वन विभाग की टीम पहुंची
घटना की जानकारी मिलते ही पश्चिमी वन परिक्षेत्र के अधिकारी पप्पू सिंह भास्केल और डिप्टी रेंजर मौके पर पहुंचे तथा घायल सरपंच को सहायता उपलब्ध कराई। वन विभाग द्वारा उनके उपचार में भी सहयोग किया जा रहा है।
ग्रामीणों में दहशत
इस जंगली सूअर का हमला (Chhindwara Wild Boar Attack) के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में भय का माहौल है। किसानों का कहना है कि खेतों के आसपास जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ती जा रही है, जिससे किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है।





