अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर संकुल संगठन भवन लोकार्पित
रायखेड़ा में 1500 अजीविका मिशन की बहनो ने मनाया अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस
Seoni 09 March 2025
केवलारी यशो:- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर दुरस्थ ग्राम पंचायत रायखेडा मे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन जनपद पंचायत केवलारी संकुल रायखेडा की 25 ग्राम पंचायतो की आजिविका मिशन की गुलाबी ड्रेस कोड की 1500 महिलाओ की उपास्तिथी मे प्रमोद मोदी अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी केवलारी, मुकेश राजपूत जनपद सदस्य छींदा, सचिन राजपूत मंडल अध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी छींदा, रमाशंकर महोबिया सदस्य बाल कल्याण समिति महिला बाल विकास मध्यप्रदेश,श्रीमती किरण रामराज राजपूत सरपंच रायखेड़ा, श्रीमती शशि मर्सकोले अध्यक्ष आजीविका मिशन मुमताज खान सचिव आजिविका मिशन, संपत्त उइकेजनपद सदस्य,श्रीमति सावित्री बाई आरमोति जनपद सदस्य, चमरू मसराम जनपद सदस्य, अर्जून सिंह सैयाम ब्लाक अध्यक्ष सेवादल कांग्रेस ,खेमकरण जंघेला प्रबंधक एनआरएलएम , सालक राम डेहरिया आजिविका मिशन की गरिमामय उपास्तिथी मे अंतरराष्टीय महिला दिवस का कार्यक्रम आयोजित कर 10 लाख रुपये की लागत से बने संकुल भवन को लोकार्पित किया।
महिलाओं को समर्पित यह कार्यक्रम हर साल आठ मार्च को पूरी दुनिया में महिला दिवस को सेलिब्रेट किया जाता है। पहली बार संयुक्त राष्ट्र ने 1975 में इसकी मान्यता दी थी, तभी से लेकर हर साल इसको पूरी दुनिया में लागू किया है। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का रूप कहा जाता है। आज से नहीं बल्कि सदियों से भारत में महिलाओं की पूजा की जाती है। यहां पर बल के लिए मां दुर्गा, धन के लिए मां लक्ष्मी और बुद्धि के लिए माता सरस्वती की पूजा करने की परंपरा है।
रमा शंकर महोबिया पत्रकार ने कहा कि आज भी महिलाओं के बगैर समाज की कोई कल्पना नहीं की जा सकती है। समाज में महिलाओं का योगदान हो या फिर आर्थिक क्षेत्र में उनकी तरक्की वह हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही है। ऐसे में हर साल आठ मार्च को महिलाओं के हौसले को बढ़ाने के लिए, देश और दुनिया की तरक्की में योगदान करने के लिए और उनकी सराहना करने के लिए महिला दिवस मनाया जाता है।
श्रीमति सुरेखा यादव देश की पहली महिला ट्रेन चालक जिसने डेक्कन क्वीन से लेकर बंदेभारत सुपरफास्ट 140 किलोमीटर से चलाकर शाक्ति स्वरुप महिला का इतिहास लिखा।
श्रीमति सावित्रीबाई फूले ने परदे से निकलकर ब्रिटिश शासन में कवियत्री समाजसेवी, शिक्षक बनकर महिलाओं को जगाया। 20 वी सदी से लेकर मोदी युग में महिलाओं की आत्मनिर्भरता सहित बर्तमान परिदृश्य पर प्रकाश डाला ।इस मौके पर 1500 आजिविका मिशन की महिलाओं के साथ ग्राम बासियो की उपास्तिथी थी।



