वैनगंगा उद्गम पर 3.05 करोड़ का खेल! सूचना पटल पेड़ से लटका, निर्माण में भारी गड़बड़ी के आरोप
खुलासे के बाद आनन-फानन में कराया बोर, नहीं निकला पानी 7 फीट गहरा कुंड खुला, सुरक्षा इंतजाम नदारद; ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग
सिवनी/मुंडारा यशो :- जिले की जीवनदायिनी वैनगंगा नदी के उद्गम स्थल पर करीब 3 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पर्यटन विभाग के इस प्रोजेक्ट में चार माह से काम जारी है, लेकिन न तो पारदर्शिता नजर आ रही है और न ही गुणवत्ता का पालन होता दिख रहा है।

सूचना पटल तक नहीं, खुलासे के बाद जागा विभाग
ग्रामीणों के अनुसार, इतने बड़े बजट के बावजूद निर्माण स्थल पर लंबे समय तक कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया। मामला उजागर होने के बाद जल्दबाजी में बोरिंग कराई गई, लेकिन उसमें भी पानी नहीं निकला।
उपयंत्री द्वारा करीब 2 इंच पानी निकलने और तराई होने की बात कही जा रही है, जबकि मौके की स्थिति इससे अलग बताई जा रही है। ग्राम पंचायत सचिव विजय राहंगडाले ने साफ कहा कि बोर गलत स्थान पर किया गया, इसलिए पानी नहीं निकला।

सूचना पटल बना मजाक
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सूचना पटल के नाम पर सिर्फ एक बैनर बनाकर उसे पेड़ से रस्सी के सहारे लटका दिया गया है। जहां पंचायतों में छोटे-छोटे कार्यों में स्थायी शिलालेख लगाए जाते हैं, वहीं करोड़ों के इस प्रोजेक्ट में ऐसी लापरवाही सवाल खड़े करती है।
घटिया निर्माण, हादसे का खतरा
- पेड़ों के चबूतरों में तराई नहीं, सीमेंट झड़ने लगा
- सीसी सड़क मानकों के अनुरूप नहीं
- 7 फीट गहरा कुंड खुला, सुरक्षा के नाम पर सिर्फ हरि नेट
ग्रामीणों का कहना है कि यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही है।
पेटी ठेकेदारी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य पेटी ठेकेदारी के जरिए कराया जा रहा है। पेटी ठेकेदार संदीप मर्सकोले द्वारा काम किए जाने की बात सामने आई है, जबकि मुख्य ठेकेदार भोपाल का बताया जा रहा है। इससे निगरानी और गुणवत्ता दोनों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश, जांच की मांग
ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, गुणवत्ता परीक्षण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
संत आशीर्वादास जी ने भी कहा कि निर्माण कार्य “भगवान भरोसे” चल रहा है और इसकी जांच आवश्यक है।
धार्मिक आस्था से जुड़ा मुद्दा
ग्रामीणों का कहना है कि वैनगंगा नदी का उद्गम स्थल धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां हो रही अनियमितताएं न सिर्फ सरकारी धन की बर्बादी हैं, बल्कि क्षेत्र की आस्था और पहचान को भी प्रभावित कर रही हैं।





