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सिद्धपीठ ज्वालादेवी मंदिर में आस्था का महासंगम: 225 मनोकामना ज्योति कलश स्थापित, आज निकलेगी भव्य कलश विसर्जन शोभायात्रा

देशभर से पहुंचे श्रद्धालु, कई राज्यों व जिलों की सहभागिता नवमी पर विशेष पूजन, मोन आसन और अनुष्ठानों के साथ भव्य आयोजन

ज्वालादेवी मंदिर ज्योति कलश सिवनी

Seoni 26 March 2026
सिवनी यशो:- सिद्धपीठ ज्वालादेवी मंदिर, परतापुर रोड भैरोगंज में इन दिनों वसंत नवरात्र के पावन अवसर पर भक्ति, श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा स्थापित 225 मनोकामना ज्योति कलश पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर रहे हैं।

इन ज्योति कलशों की विशेषता यह है कि इन्हें केवल स्थानीय श्रद्धालुओं द्वारा ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों से आए भक्तों ने भी अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए स्थापित कराया है। इससे मंदिर की बढ़ती ख्याति और धार्मिक महत्व का स्पष्ट आभास होता है।

देशभर से उमड़ी आस्था

ज्योति कलश स्थापना में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश और तेलंगाना जैसे विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं की भागीदारी रही है। दूर-दराज से पहुंचे भक्तों ने यहां माता ज्वालादेवी के प्रति अपनी आस्था प्रकट करते हुए मनोकामना ज्योति कलश स्थापित किए।

 मध्यप्रदेश के जिलों की भागीदारी

सिवनी जिले के साथ-साथ बालाघाट, मंडला, जबलपुर, उज्जैन, इंदौर, भोपाल, छिंदवाड़ा और शहडोल जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इन सभी ने विधि-विधान से ज्योति कलश स्थापित कर अपनी श्रद्धा अर्पित की।

ज्वालादेवी मंदिर ज्योति कलश सिवनी में 225 ज्योति कलश स्थापित, आज भव्य शोभायात्रा
सिद्धपीठ ज्वालादेवी मंदिर सिवनी में 225 ज्योति कलशों के बीच भक्तिमय माहौल

 भक्तिमय वातावरण

मंदिर परिसर में प्रज्वलित 225 ज्योति कलशों से चारों ओर भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालु लगातार मंदिर पहुंचकर माता ज्वालादेवी के दर्शन कर रहे हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।


 नवमी महोत्सव विशेष कार्यक्रम 

  • नवमी पूजन: दोपहर 2 बजे
  • मोन आसन: दोपहर 3 बजे (पुजारी जी द्वारा मनोकामना पूर्ति हेतु भेंट प्रदान)
  • विशेष अनुष्ठान: सवा किलो जलते हुए खप्पर के साथ हवन कुंड की परिक्रमा
  • भव्य कलश विसर्जन शोभायात्रा: शाम 5 बजे मंदिर परिसर से प्रारंभ

शोभायात्रा के उपरांत ज्योति कलश स्थापित करने वाली माताओं एवं बहनों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया जाएगा।

मंदिर समिति द्वारा सभी श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस पावन आयोजन में शामिल हों और माँ ज्वालादेवी का आशीर्वाद प्राप्त कर पुण्य लाभ अर्जित करें।

इस प्रकार सिद्धपीठ ज्वालादेवी मंदिर इन दिनों न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है, बल्कि विभिन्न राज्यों और जिलों के श्रद्धालुओं को एक सूत्र में बांधते हुए राष्ट्रीय स्तर पर आध्यात्मिक एकता का प्रतीक भी बन गया है।

🙏 जय माता दी 🙏

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