कान्हीवाड़ा में मौत का मंजर टला: रुई फैक्ट्री में भीषण आग, बगल में गैस गोदाम… जरा सी चूक से उड़ सकता था पूरा इलाका
सैकड़ों गैस सिलेंडरों के बीच भड़की आग, दहशत में लोग; दिन में बच गए, रात होती तो तबाही तय प्रशासन की लापरवाही पर उठे सवाल, देर होती तो मंजर सोचकर ही कांप उठती रूह
कान्हीवाड़ा आग गैस गोदाम के पास
Seoni 26 March 2026
सिवनी यशो:- कान्हीवाड़ा क्षेत्र में बुधवार अपरान्ह लगभग 3 बजे के बाद उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब हिनोतिया मार्ग स्थित मटियाटोला में जैन रुई भंडार की फैक्ट्री गोडाउन में अचानक भीषण आग भड़क उठी। आग इतनी विकराल थी कि लोगों के लाख प्रयासों के बावजूद उस पर काबू पाना संभव नहीं हो सका।
देखते ही देखते रुई, कपास, कपड़ा और प्लास्टिक से भरा पूरा गोडाउन आग की लपटों में घिर गया और दमकल पहुंचने से पहले ही लगभग पूरा परिसर जलकर खाक हो गया।
मौत के मुहाने पर खड़ा था पूरा इलाका
कान्हीवाड़ा आग गैस गोदाम के पास – इस घटना ने इसलिए और भी भयावह रूप ले लिया, क्योंकि जिस रुई फैक्ट्री में आग लगी, उसकी सिर्फ एक दीवार के पार ही एलपीजी गैस एजेंसी और सैकड़ों सिलेंडरों का गोदाम मौजूद था।

आग लगते ही स्थानीय प्रशासन और आमजन के हाथ-पांव फूल गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि जरा सी चूक पूरे कान्हीवाड़ा को तबाही में झोंक सकती थी।
कान्हीवाड़ा आग गैस गोदाम के पास – अगर रात में होता हादसा तो…!
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही घटना रात के समय घटती, तो गैस सिलेंडरों के एक-एक कर फटने से पूरा क्षेत्र दहल सकता था।
लोगों के मुताबिक —
“आज जो बच गया, वो चमत्कार से कम नहीं… जरा सी देर होती तो क्या हाल होता, सोचकर ही रूह कांप जाती है।”
सैकड़ों सिलेंडर हटाए गए, टला बड़ा हादसा
फैक्ट्री से सटे गैस गोदाम में सैकड़ों की संख्या में भरे और खाली सिलेंडर मौजूद थे।
आग की भयावहता को देखते हुए स्थानीय लोगों और प्रशासन ने मिलकर आनन-फानन में सिलेंडरों को बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
अगर यह कार्रवाई समय पर नहीं होती, तो आग गैस गोदाम तक पहुंचकर भीषण विस्फोट का कारण बन सकती थी।
लापरवाही पर बड़े सवाल
कान्हीवाड़ा आग गैस गोदाम के पास – इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि रुई जैसी ज्वलनशील सामग्री वाली फैक्ट्री के बिल्कुल पास गैस एजेंसी और सिलेंडर गोदाम कैसे संचालित हो रहा था?
लोगों का कहना है कि यदि सुरक्षा मानकों का पालन किया जाता, तो ऐसी स्थिति ही पैदा नहीं होती।
दमकल पहुंचने तक जल चुका था सब कुछ
स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका।
आसपास के क्षेत्रों से दमकल वाहन पहुंचने तक पूरा गोडाउन जलकर खाक हो चुका था।
प्रशासन और पुलिस ने संभाली स्थिति
कान्हीवाड़ा आग गैस गोदाम के पास घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल, तहसीलदार, एम्बुलेंस और अन्य शासकीय अमला मौके पर पहुंच गया और हालात को नियंत्रित करने में जुट गया।
कान्हीवाड़ा में हुई यह आग की घटना सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि एक बड़ा चेतावनी संकेत है—अगर समय रहते सुरक्षा मानकों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो अगली बार यह “चमत्कार” नहीं, भीषण तबाही की कहानी बन सकता है।
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