WhatsApp Image 2026-03-17 at 4.22.34 PM (1)
मध्यप्रदेशसिवनी

ई-विकास प्रणाली से होगा उर्वरक वितरण, अब बिना लाइन लगे मिलेगा खाद

ई-विकास उर्वरक वितरण सिवनी – अब बिना लाइन लगे मिलेगा खाद

Seoni 05 April 2026
सिवनी यशो:- जिले में किसानों को उर्वरक वितरण में सुगमता प्रदान करने के उद्देश्य से “ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान)” प्रणाली 1 अप्रैल 2026 से पूर्णतः लागू कर दी गई है। यह व्यवस्था मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर शीतला पटले के मार्गदर्शन में शुरू की गई है।

अब बिना लाइन लगे मिलेगा उर्वरक

नई व्यवस्था के तहत किसान घर बैठे ई-टोकन बुक कर सकेंगे और निर्धारित दिनांक एवं समय पर संबंधित उर्वरक विक्रेता से खाद प्राप्त कर सकेंगे। इससे वितरण केंद्रों पर लंबी कतारों से राहत मिलेगी।

 ई-टोकन सुविधा: सभी किसानों को लाभ

ई-विकास प्रणाली में निम्न वर्ग के किसानों को भी शामिल किया गया है—

  • वन पट्टाधारी
  • ठेका भूमि पर खेती करने वाले किसान
  • मंदिर या ट्रस्ट की भूमि पर खेती करने वाले
  • नामांतरण लंबित होने की स्थिति में वारिसान

 एग्रीस्टैक से जुड़ेगी पूरी जानकारी

प्रणाली के अंतर्गत किसानों को आधार सत्यापन के बाद एग्रीस्टैक के माध्यम से भूमि एवं फसल का विवरण दर्ज करना होगा। इसके आधार पर पोर्टल वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार उर्वरक की आवश्यकता का स्वतः आकलन करेगा।

किसान उपलब्धता के आधार पर विक्रेता का चयन कर आसानी से टोकन बुक कर सकेंगे।

कहां से मिलेगा उर्वरक?

  • सहकारी समिति के सदस्य → संबंधित समिति से
  • अन्य किसान → निजी विक्रेता, मार्कफेड एवं एम.पी. एग्रो केंद्रों से

 नियम तोड़ने पर कार्रवाई

उपसंचालक कृषि द्वारा सभी उर्वरक विक्रेताओं को प्रणाली का प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
1 अप्रैल 2026 से उर्वरकों का विक्रय केवल ई-विकास प्रणाली के माध्यम से करने के निर्देश दिए गए हैं।

निर्देशों का उल्लंघन करने पर जिले के 36 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

किसानों से अपील

उपसंचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी वास्तविक फसल के अनुसार ही ई-टोकन बुक करें।

किसी भी समस्या की स्थिति में किसान—

  • कृषि विस्तार अधिकारी
  • पटवारी
  • पंचायत सचिव
  • रोजगार सहायक

से संपर्क कर सकते हैं।

ई-विकास प्रणाली के लागू होने से जिले में उर्वरक वितरण प्रक्रिया पारदर्शी, सुगम और व्यवस्थित होने की उम्मीद है। इससे किसानों का समय बचेगा और अनावश्यक भीड़ से भी राहत मिलेगी।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!