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विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 : निर्वाचन नामावली को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने हेतु बैठक सम्पन्न

मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और मीडिया प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक

Mandala 29  October 2025
मंडला यशो :- विशेष गहन पुनरीक्षण-2025 के संबंध में जिला योजना भवन मंडला के सभाकक्ष में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी सोमेश मिश्रा की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों की बैठक सह-प्रेसवार्ता आयोजित की गई।
बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त दलों के प्रतिनिधि, निर्वाचन अधिकारीगण एवं मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कलेक्टर सोमेश मिश्रा बोले – “नामावली को त्रुटिरहित बनाना प्राथमिक लक्ष्य”

कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
इसके अंतर्गत दोहरी प्रविष्टियाँ, मृत मतदाता, अपात्र या स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे।

उन्होंने स्पष्ट किया —

“निर्वाचक नामावली को विश्वसनीय बनाना ही आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रत्येक मतदाता की जानकारी का सत्यापन घर-घर जाकर किया जाएगा।”

मतदाता को मिलेगा एनुमेरेशन फार्म – घर-घर जाकर बीएलओ करेंगे वितरण

निर्वाचन आयोग द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार प्रत्येक मतदाता को छपा हुआ एनुमेरेशन फार्म (Enumeration Form) बीएलओ (BLO) के माध्यम से घर-घर जाकर वितरित किया जाएगा।
मतदाता को अपने व्यक्तिगत विवरण भरकर, रंगीन फोटो चस्पा कर, हस्ताक्षरित फार्म पुनः बीएलओ को लौटाना होगा।

यदि किसी मतदाता को फार्म भरने में कठिनाई होती है, तो वह अपने बीएलओ से सहयोग ले सकता है।

बैठक में उपस्थित अधिकारी और प्रमुख सदस्य

बैठक में अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी राजेन्द्र कुमार सिंह,
डिप्टी कलेक्टर श्रीमती क्षमा सराफ,
आरओ एवं एआरओ,
निर्वाचन अधीक्षक  अरुण कुशवाहा,
सीके तिवारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बीएलए की भूमिका अहम – राजनीतिक दल करें शीघ्र नियुक्ति

कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि गहन पुनरीक्षण कार्य में बूथ लेवल अभिकर्ता (BLA) की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रहेगी।
उन्होंने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से अनुरोध किया कि संशोधित फार्मेट में बीएलए की नियुक्ति शीघ्र कर जिला निर्वाचन कार्यालय को जानकारी उपलब्ध कराएँ।

2003 और 2025 की नामावली से जुड़े विशेष निर्देश

ऐसे मतदाता जिनके नाम वर्ष 2003 एवं 2025 की सूची में दर्ज हैं,

उन्हें अपने एनुमेरेशन फार्म में पुरानी नामावली का विवरण भरना होगा।

जिन मतदाताओं के माता या पिता का नाम वर्ष 2003 की नामावली में दर्ज है,

वे भी संबंधित जानकारी फार्म में अंकित करेंगे।

यदि किसी मतदाता के माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की सूची में नहीं है,

तो वह आयोग द्वारा स्वीकृत 12 प्रकार के पहचान दस्तावेजों में से किसी एक को संलग्न कर सकता है।

आयोग ने आधार कार्ड को भी मान्य पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया है।

सुनवाई और दावे-आपत्तियों का निपटान

प्रत्येक दावे और आपत्ति का निराकरण निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) द्वारा समुचित सुनवाई के बाद ही किया जाएगा।

इससे मतदाता सूची की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी।

https://hindi.eci.gov.in/files/file/12703-

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