सिवनी नगर पालिका पर बड़ा आरोप: “कमीशन की दुकान बनकर रह गई परिषद”
ट्रैक्टर-ट्रॉली भुगतान रुका, शहर में कचरा उठाना ठप
सिवनी नगर पालिका कमीशन आरोप – भुगतान बकाया – ट्रालियाँ वहीं खुली पड़ी
Seoni 10 April 2026
सिवनी यशो:- नगर पालिका परिषद सिवनी पर गंभीर आरोप लग रहे हैं कि संस्था अब “कमीशन की दुकान” बनकर रह गई है। नगरीय विकास और आम नागरिकों की सुविधाओं से परिषद के जिम्मेदारों का कोई लेना-देना नहीं रह गया है।
ग्रीष्मकाल के प्रारंभिक चरण में ही पूरे नगर में अव्यवस्थाएँ चरम पर हैं। पहले से ही गंदगी की समस्या बनी हुई थी, लेकिन अब स्थिति यह है कि कई क्षेत्रों में कचरा उठना पूरी तरह बंद हो गया है, जिससे शहर की स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
ट्रैक्टर-ट्रॉली भुगतान अटका, सफाई व्यवस्था ठप
सूत्रों के अनुसार, कचरा उठाने के लिए उपयोग होने वाली ट्रैक्टर-ट्रालियों के रिपेयरिंग वर्कशॉप का लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये का भुगतान बकाया है।
चर्चाओं के मुताबिक, भुगतान न होने के कारण वर्कशॉप संचालक ने ट्रालियों की मरम्मत रोक दी है और कई ट्रालियाँ वहीं खुली पड़ी हैं।
वर्कशॉप संचालक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि
“पहले भुगतान सुनिश्चित कराइए, तभी ट्रालियाँ वापस दी जाएँगी।”
कमीशन विवाद में फंसी सफाई व्यवस्था
स्थानीय चर्चाओं और नगर पालिका के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, भुगतान में देरी के पीछे कमीशन विवाद को भी प्रमुख कारण माना जा रहा है।
इसके चलते सफाई व्यवस्था में लगे कर्मचारी और जिम्मेदार परेशान बताए जा रहे हैं। ट्रालियाँ बंद होने से कचरा उठाने का पूरा सिस्टम ठप पड़ गया है।
नगर में बढ़ती अव्यवस्था, जनता में आक्रोश
शहर के कई हिस्सों में पहले से ही सफाई व्यवस्था कमजोर थी, लेकिन अब हालात और बिगड़ गए हैं। नागरिकों में नगर पालिका की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।
नगर पालिका अब काम से नहीं, कमीशन से सरोकार में!
नगरवासियों का आरोप है कि नगर पालिका अब कामकाज से अधिक “कमीशन आधारित व्यवस्था” में उलझी हुई है, और मूलभूत सेवाओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
लीज प्रकरण बना गंभीर विवाद
सूत्रों के अनुसार, नगर पालिका परिषद में चल रहा लीज प्रकरण भी गंभीर विवाद का केंद्र बन गया है।
इस मामले में भारी लेन-देन की चर्चाएँ सामने आ रही हैं, जिससे कानूनी जटिलताएँ बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इतना ही नहीं, यह मामला अब ऐसा रूप लेता दिख रहा है कि कुछ जिम्मेदारों को कोर्ट तक घसीटे जाने की स्थिति बनती नजर आ रही है।
नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर उठ रहे गंभीर सवालों ने शहर की व्यवस्थाओं को प्रभावित कर दिया है। यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
दैनिक यशोन्नति
जमीनी हकीकत पर आधारित विशेष रिपोर्ट



