कुएं में जहर का खेल? 80 ग्रामीण बीमार, सल्फास मिलाने की आशंका से हड़कंप
उल्टी, चक्कर और घबराहट की शिकायत के बाद अस्पतालों में भर्ती हुए ग्रामीण, कुएं के पास मिले कथित सल्फास के पैकेट
किशनपुर में कुएं का जहरीला पानी पीने से 80 ग्रामीण बीमार, सल्फास मिलाने की आशंका से हड़कंप
Chhindwara 24 June 2026
छिंदवाड़ा / बिछुआ यशो:- बिछुआ विकासखंड के ग्राम किशनपुर में सार्वजनिक कुएं का पानी पीने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीणों के बीमार पड़ने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 70 से 80 ग्रामीणों को उल्टी, चक्कर, घबराहट और बेचैनी की शिकायत होने पर अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद ग्रामीणों ने कुएं में सल्फास जैसा जहरीला पदार्थ मिलाए जाने की आशंका जताई है।
ग्रामीणों के अनुसार रोजाना की तरह सोमवार सुबह वे सार्वजनिक कुएं से पानी भरकर अपने घर ले गए थे।
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कुछ लोगों ने पानी में असामान्य गंध महसूस की, लेकिन तब तक कई परिवार इसका उपयोग कर चुके थे। दोपहर होते-होते गांव में एक के बाद एक लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी और कई लोग उल्टी तथा चक्कर आने की शिकायत करने लगे।
कुएं के पास मिले संदिग्ध अवशेष
घटना के बाद जब ग्रामीण कुएं के आसपास पहुंचे तो वहां कथित रूप से सल्फास के खाली पैकेट, पाउडर के अवशेष और मृत कीड़े-मकोड़े दिखाई दिए।
इसके बाद गांव में यह आशंका और गहरा गई कि किसी असामाजिक तत्व ने सार्वजनिक जल स्रोत को प्रदूषित करने का प्रयास किया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यदि कुएं में वास्तव में जहरीला पदार्थ मिलाया गया है तो यह केवल शरारत नहीं बल्कि सैकड़ों लोगों की जान को खतरे में डालने जैसा गंभीर अपराध है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार सहित प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
प्रभावित ग्रामीणों को तत्काल स्वास्थ्य केंद्रों तक पहुंचाने के लिए पांच एंबुलेंसों की व्यवस्था की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी मरीजों का उपचार शुरू कर दिया है।
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अधिकारियों ने कुएं के पानी के नमूने लेकर जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही पूरे मामले की जांच की जा रही है कि पानी में किसी प्रकार का जहरीला पदार्थ मिलाया गया था या नहीं।
फोरेंसिक जांच से खुलेगा राज
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पानी के नमूनों की वैज्ञानिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में जहरीले पदार्थ की पुष्टि होती है तो संबंधित दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में सार्वजनिक पेयजल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे जल स्रोतों की नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
फिलहाल प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटे हुए हैं तथा ग्रामीणों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की गई है।



