प्रकृति का ‘कत्लेआम’ या सुनियोजित कटाई? DIET केवलारी में सैकड़ों पेड़ों के गायब होने पर बवाल
जहां शिक्षा की जड़ें सींची जानी थीं, वहां हरियाली उजड़ने के आरोप | साक्ष्य छिपाने की आशंका
केवलारी DIET पेड़ कटाई मामला – पेड़ों की कटाई पर बवाल
केवलारी (सिवनी) | विशेष रिपोर्ट
सिवनी यशो:- एक ओर देश में “एक पेड़ मां के नाम” जैसे अभियान चलाकर पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया जा रहा है,
वहीं सिवनी जिले के केवलारी स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) से
हरियाली के बड़े पैमाने पर नुकसान की खबर ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
संस्थान परिसर में सैकड़ों फलदार और कीमती पेड़ों की कटाई के आरोप सामने आए हैं,
जिससे स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों में भारी आक्रोश है।

सागौन-शीशम की कटाई पर उठे सवाल
सूत्रों के अनुसार, परिसर में मौजूद सागौन और शीशम जैसे कीमती वृक्ष भी इस कटाई की जद में आए हैं।
स्थानीय लोगों का दावा है कि कटाई के बाद कुछ लकड़ियां गायब कर दी गईं, जबकि कुछ स्थानों पर
ईंट, गिट्टी और रेत डालकर जमीन को समतल कर दिया गया।

साक्ष्य छिपाने की आशंका?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ स्थानों पर पेड़ों के अवशेष जलाए जाने के भी संकेत मिले हैं।
ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह केवल नियमित सफाई या विकास कार्य था,
या फिर किसी बड़े अनियमितता को छिपाने की कोशिश?
🏢 जिम्मेदारी पर सवाल
संस्थान के प्रबंधन और जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक शैक्षणिक संस्थान, जहां पर्यावरण और नैतिकता का पाठ पढ़ाया जाता है,
वहीं यदि हरियाली के नुकसान के आरोप लगें, तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
वन विभाग और प्रशासन पर निगाहें
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब एक पेड़ काटने के लिए भी अनुमति आवश्यक होती है,
तो इतने बड़े पैमाने पर कटाई कैसे हुई?
क्या वन विभाग से अनुमति ली गई थी? यदि हां, तो उसकी शर्तें क्या थीं?
• क्या कटाई के लिए वैधानिक अनुमति ली गई थी?
• कटी हुई लकड़ी का रिकॉर्ड कहां है?
• क्या किसी जांच की पहल की जाएगी?
कार्रवाई की मांग तेज
इस मामले में स्थानीय लोगों और पर्यावरण प्रेमियों ने निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर
कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
अब नजर प्रशासन और वन विभाग की कार्रवाई पर टिकी है।





