21 पंचायत सचिवों को नोटिस, “मैदान में नहीं दिखे तो कार्रवाई तय”: कलेक्टर नेहा मीना का सख्त अल्टीमेटम
“सार्थक ऐप” से होगी निगरानी, योजनाओं में लापरवाही पर जीरो टॉलरेंस — घंसौर में समीक्षा बैठक में सख्त संदेश
कलेक्टर नेहा मीना सख्त कार्रवाई – 21 सचिवों को नोटिस बड़ा एक्शन
Seoni 18 April 2026
सिवनी यशो:- “जनजातीय क्षेत्र में योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुँचना चाहिए”—इस स्पष्ट और सख्त संदेश के साथ कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने घंसौर में आयोजित पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की समीक्षा बैठक में प्रशासनिक ढिलाई पर कड़ा प्रहार किया।
बैठक में 21 पंचायत सचिवों को नोटिस जारी करने के निर्देश देकर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।

“काम नहीं तो कार्रवाई तय”
कलेक्टर ने दो टूक कहा—फील्ड में अनुपस्थित पाए जाने पर सीधे जिम्मेदारी तय होगी और कार्रवाई से कोई नहीं बचेगा।
आवास योजना में लापरवाही पर गाज
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत कार्य प्रारंभ न करने वाली 21 ग्राम पंचायतों के सचिवों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही मनरेगा में कम मानव दिवस सृजन करने वाली पंचायतों को भी चेतावनी दी गई। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि पात्र हितग्राहियों को समय-सीमा में किस्त वितरण कर आवास पूर्ण कराना प्राथमिकता है।
“सार्थक ऐप” से फील्ड अमले पर नजर
अब फील्ड अधिकारियों की उपस्थिति “सार्थक ऐप” से सुनिश्चित होगी। सीईओ, एई, सब-इंजीनियर सहित सभी कर्मचारियों की लोकेशन और उपस्थिति ट्रैक की जाएगी। अनुपस्थिति पर सीधे जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
मनरेगा में ई-केवाईसी और काम की रफ्तार बढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर ने एक माह के भीतर मनरेगा अंतर्गत 100% ई-केवाईसी पूर्ण करने के निर्देश दिए, साथ ही फील्ड में कार्यों की गति बढ़ाने पर जोर दिया।
जल गंगा अभियान: लक्ष्य नहीं, स्थायी समाधान चाहिए
खेत तालाब, डगवेल, वाटरशेड और भू-जल रिचार्ज कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं, बल्कि स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।
वर्षा जल संचयन और भू-जल स्तर सुधार पर विशेष फोकस रखने के निर्देश दिए गए।
पेयजल संकट से पहले तैयारी के निर्देश
गर्मी को देखते हुए नल-जल योजना की समीक्षा करते हुए पेयजल आपूर्ति निर्बाध रखने, बंद हैंडपंपों को चालू करने और वैकल्पिक व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए गए।
पौधरोपण, आंगनवाड़ी और बुनियादी सुविधाओं पर जोर
“एक बगिया मां के नाम” अभियान के तहत पौधों की उत्तरजीविता सुनिश्चित करने, नए आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण, पोषण वाटिका और वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
रिक्त पद नहीं रहेंगे, व्यवस्था हर हाल में चालू
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि किसी भी पंचायत में सचिव या जीआरएस का पद रिक्त न रहे। आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त प्रभार देकर योजनाओं का क्रियान्वयन निर्बाध रखा जाए।
स्पष्ट संदेश: फील्ड में उतरना ही होगा
बैठक में साफ कर दिया गया कि अब योजनाओं का काम फाइलों में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए। जो अधिकारी फील्ड में सक्रिय नहीं दिखेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है।
http://sidhi.mpinfo.org/TodaysNews?newsid=20250321N156&fontname=Mangal&LocID=17&pubdate=03/21/2025




