सिवनीमध्यप्रदेश

7 माह से पीआईसी बैठक नहीं, नगरहित के काम ठप: सिवनी नगरपालिका में प्रशासनिक जड़ता पर सवाल

पीआईसी सदस्यों ने CMO को लिखा पत्र, एक सप्ताह में बैठक बुलाने की मांग

सिवनी 19 दिसंबर 2025
सिवनी यशो:- नगरपालिका परिषद सिवनी में पिछले सात महीनों से पीआईसी (प्रेसिडेंट इन काउंसिल) की एक भी बैठक न बुलाए जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पीआईसी सदस्यों ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) को पत्र लिखकर इसे नगरपालिका अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए एक सप्ताह के भीतर पीआईसी बैठक आहूत करने की मांग की है।

पीआईसी सदस्यों का कहना है कि कार्यकारी अध्यक्ष की नियुक्ति के लगभग 7 माह बीत जाने के बावजूद कोई बैठक नहीं हुई, जिससे पीआईसी श्रेणी के कई महत्वपूर्ण जनहित कार्य प्रभावित हो रहे हैं।

नगरपालिका अधिनियम और हाईकोर्ट आदेश का हवाला

पीआईसी सदस्यों ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि

नगरपालिका अधिनियम 1961 की धारा 70 के तहत पीआईसी की बैठक प्रत्येक माह आयोजित किया जाना अनिवार्य है।

माननीय उच्च न्यायालय के 14 मई 2025 के आदेश में कार्यकारी अध्यक्ष द्वारा गठित पीआईसी को अवैधानिक बताया गया था।

वहीं 9 मई 2025 के आदेश में पूर्व में गठित पीआईसी को ही क्रियाशील माना गया है।

इसके बावजूद, पीआईसी सदस्यों का आरोप है कि उन्हें न तो विभागीय फाइलों, न ही पत्राचार और निर्णयों की जानकारी दी जा रही है।

कार्यकारी अध्यक्ष बैठक बुलाने में असमर्थ’

पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि अध्यक्ष बैठक बुलाने में असमर्थ हो, तो पीआईसी सदस्य किसी भी सदस्य की अध्यक्षता में बैठक आहूत कर सकते हैं।
पीआईसी सदस्यों का आरोप है कि लगातार सात माह तक बैठक न बुलाना इस असमर्थता को स्पष्ट करता है।

ये जनहित मुद्दे अटके, एजेंडे में शामिल करने की मांग

पीआईसी सदस्यों ने बैठक के एजेंडे में निम्नलिखित विषय शामिल करने की मांग की है—

1️⃣ जन्म–मृत्यु प्रमाण पत्र रिकॉर्ड का ऑनलाइन संधारण
2️⃣ नगर क्षेत्र में पूर्व में लगे ट्रैफिक सिग्नलों को पुनः चालू करना
3️⃣ नगरपालिका वाहनों के लिए सर्विसिंग सेंटर, वेल्डिंग मशीन और कम्प्रेसर जैसे पूर्व स्वीकृत निर्णयों को अमल में लाना
4️⃣ सर्किट हाउस के सामने से हटाई गई मोंगली की प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर पुनः स्थापित करना

पीआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर के साथ पत्र

इस पत्र पर पीआईसी के सभी विभागीय सदस्यों—
लोकनिर्माण, योजना, यातायात, शहरी गरीबी उपशमन, स्वच्छता, जलकार्य, सामान्य प्रशासन और राजस्व विभाग—
के सदस्यों के हस्ताक्षर हैं, जिससे असंतोष की सामूहिक आवाज सामने आई है।

नगरहित बनाम प्रशासनिक उदासीनता

पीआईसी सदस्यों का कहना है कि यदि शीघ्र बैठक नहीं बुलाई गई, तो नगर के विकास, यातायात व्यवस्था, दस्तावेज़ सेवाएं और सांस्कृतिक पहचान से जुड़े कार्य और अधिक प्रभावित होंगे।

सिवनी नगरपालिका में पीआईसी बैठक को लेकर उठा यह विवाद अब
👉 कानूनी दायरे,
👉 प्रशासनिक जवाबदेही,
👉 और नगरहित के सवाल
तीनों को एक साथ खड़ा कर रहा है।

अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि मुख्य नगरपालिका अधिकारी और प्रशासन इस पत्र पर क्या कार्रवाई करते हैं, या फिर मामला और तूल पकड़ता है।

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!