सिवनी सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर का 12वां पाटोत्सव महोत्सव 25 अप्रैल को, भक्ति और सामाजिक चेतना का संगम
भव्य धार्मिक अनुष्ठान, सहस्त्रार्चन, हवन और सुंदरकांड पाठ के साथ जुटेंगे हजारों श्रद्धालु, साप्ताहिक जागरूकता अभियान बना आकर्षण
ज्वाला देवी मंदिर सिवनी : 25 अप्रैल को 12वां पाटोत्सव महोत्सव का भव्य आयोजन
🔱 सिवनी में आस्था का महासंगम 🔱
12वां पाटोत्सव महोत्सव में उमड़ेगा जनसैलाब
सिवनी यशो :- परतापुर रोड स्थित भैरोगंज के प्रसिद्ध सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में इस वर्ष
12वां पाटोत्सव महोत्सव अत्यंत भव्य और दिव्य स्वरूप में आयोजित किया जा रहा है।
इस आध्यात्मिक आयोजन में जिले सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
मंदिर परिसर को आकर्षक सजावट, विद्युत रोशनी एवं धार्मिक ध्वजों से सुसज्जित किया गया है,
जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा है। यह महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है,
बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक बन चुका है।
🌼 दिनभर ऐसे चलेगा भक्ति का क्रम 🌼
- 🕘 प्रातः 9:00 बजे: अभिषेक पूजन (वैदिक मंत्रोच्चार के साथ)
- 🕙 प्रातः 10:00 बजे: मातारानी का सहस्त्रार्चन
- 🕛 दोपहर 12:00 बजे: हवन पूजन
- 🕔 शाम 5:00 बजे: सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ
- 🕗 शाम 8:00 बजे: महाप्रसाद वितरण
✨ विशेष आकर्षण एवं सामाजिक चेतना ✨
यह पावन स्थल अब जागरूकता एवं सामाजिक चेतना का प्रमुख केन्द्र बनकर प्रतिष्ठित हो रहा है।
यहां प्रति सप्ताह युवा, मातृशक्ति एवं बड़ी संख्या में भक्तगण एकत्रित होकर
सुंदरकांड एवं हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ करते हैं।
इसके साथ ही समसामयिक सामाजिक विषयों पर जागरूकता अभियान चलाकर
समाज में सकारात्मक परिवर्तन का संदेश दिया जाता है।
📿 वैदिक परंपरा अनुसार आयोजन
पाटोत्सव के अवसर पर सभी धार्मिक अनुष्ठान
शास्त्रीय विधान अनुसार वैदिक ब्राह्मणों द्वारा विधिवत संपन्न कराए जाएंगे,
जिससे आयोजन की आध्यात्मिक गरिमा और अधिक बढ़ेगी।
✨ भव्य सजावट एवं व्यवस्थाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था, वाहन पार्किंग एवं सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।
मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजाया गया है, जो आयोजन की भव्यता को और बढ़ाता है।
🙏 श्रद्धालुओं से अपील
मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे सपरिवार उपस्थित होकर
मां ज्वाला देवी के दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त करें और क्षेत्र में सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना करें।





