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ई-अटेंडेंस के आधार पर होगा शिक्षकों का वेतन भुगतान, लोक शिक्षण संचालनालय के सख्त निर्देश जारी

“हमारे शिक्षक” ऐप से दर्ज होगी उपस्थिति, लापरवाही पर रुक सकता है वेतन

ई-अटेंडेंस से शिक्षकों का वेतन भुगतान – लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देश जारी

Chhindwara 10 June 2026
छिंदवाड़ा यशो:- मध्यप्रदेश में अब शिक्षकों और विद्यालयीन अमले की उपस्थिति पूरी तरह तकनीकी निगरानी के दायरे में आ गई है। लोक शिक्षण संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा जारी नए निर्देशों के अनुसार अब शिक्षकों एवं स्कूल स्टाफ का वेतन ई-अटेंडेंस के आधार पर ही जारी किया जाएगा। इसके लिए “हमारे शिक्षक” ऐप के माध्यम से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है।

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संचालनालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों तथा शासकीय हाई स्कूल एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के संकुल प्राचार्यों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि सभी विद्यालयों में नियमित रूप से ई-अटेंडेंस सुनिश्चित की जाए।

एजुकेशन पोर्टल 3.0 से जुड़ी व्यवस्था

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा एजुकेशन पोर्टल 3.0 के अंतर्गत शिक्षकों की उपस्थिति व्यवस्था को डिजिटल बनाया गया है। “हमारे शिक्षक” ऐप के माध्यम से शिक्षक एवं विद्यालयीन कर्मचारी अपनी दैनिक उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज करेंगे। इसी रिकॉर्ड के आधार पर वेतन भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

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अनुपस्थिति और लापरवाही पर होगी निगरानी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब विद्यालयों में अनुपस्थित रहने वाले या समय पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले कर्मचारियों पर सीधी निगरानी रखी जा सकेगी। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि इससे शासकीय स्कूलों में अनुशासन और जवाबदेही बढ़ेगी।

विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी

संचालनालय ने विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने अधीनस्थ सभी विद्यालयों में प्राचार्यों, शिक्षकों एवं अन्य कर्मचारियों द्वारा नियमित ई-अटेंडेंस दर्ज कराना सुनिश्चित करें। यदि किसी विद्यालय में उपस्थिति प्रणाली का पालन नहीं होता है तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जा सकती है।

तकनीकी व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश

शिक्षा विभाग का कहना है कि डिजिटल उपस्थिति प्रणाली लागू करने का उद्देश्य स्कूलों में पारदर्शिता बढ़ाना और शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह बनाना है। इससे शिक्षकों की वास्तविक उपस्थिति का रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा तथा प्रशासनिक निगरानी भी आसान होगी।

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शिक्षकों में चर्चा, व्यवस्था पर टिकी निगाहें

नई व्यवस्था को लेकर शिक्षकों और शिक्षा विभाग में चर्चा तेज हो गई है। कई शिक्षक इसे पारदर्शिता की दिशा में सकारात्मक कदम मान रहे हैं, वहीं कुछ शिक्षक तकनीकी समस्याओं और नेटवर्क बाधाओं को लेकर चिंता भी जता रहे हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि यह व्यवस्था जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

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