भावुक दृश्य: बेजुबान बैल की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब, सैकड़ों लोगों ने दी नम आंखों से विदाई
छपारा के बिहिरिया गांव में ‘डूंगरिया वाला’ बैल को दी गई अंतिम श्रद्धांजलि
बैल अंतिम यात्रा सिवनी जब बेजुबान के लिए रो पड़ा गांव: ‘डूंगरिया वाला’ बैल की अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब – दी भावुक विदाई
Seoni 23 April 2026
सिवनी यशो:- जिले के छपारा विकासखंड अंतर्गत बिहिरिया गांव से एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां “डूंगरिया वाला” नाम से प्रसिद्ध बैल की मृत्यु के बाद उसकी अंतिम यात्रा में सैकड़ों लोग शामिल हुए।
लोगों ने फूल-मालाएं अर्पित कर नम आंखों से इस बेजुबान पशु को अंतिम विदाई दी। एक जानवर के प्रति इतना सम्मान और प्रेम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।

पट प्रतियोगिताओं का चैंपियन रहा बैल
बताया जाता है कि यह बैल पट (दौड़) प्रतियोगिताओं में अपनी तेज रफ्तार के लिए जाना जाता था। उसने कई राज्यों में आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेकर “अखंड हिंद केसरी” और “एमपी किंग” जैसे खिताब भी अपने नाम किए थे।
अचानक बिगड़ी तबीयत, हुई मृत्यु
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले बैल की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उसकी मृत्यु हो गई। जैसे ही यह खबर गांव और आसपास के क्षेत्रों में फैली, बड़ी संख्या में लोग अंतिम यात्रा में शामिल होने पहुंच गए।
तीन पीढ़ियों से चला आ रहा बैल पालन का शौक
बिहिरिया गांव निवासी मेहसूर कुरैशी ने बताया कि मरहूम शफीक पटेल का परिवार पिछले तीन पीढ़ियों से बैल जोड़ी रखने और पट प्रतियोगिताओं में भाग लेने की परंपरा निभा रहा है।

इस परंपरा को आज भी उनके पोते आजम पटेल द्वारा आगे बढ़ाया जा रहा है, जिनके पास लाखों रुपये मूल्य की बैल जोड़ियां हैं और उनकी देखरेख के लिए कर्मचारी भी नियुक्त किए गए हैं।
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बेजुबान के प्रति सम्मान ने छुआ लोगों का दिल
गुरुवार को “डूंगरिया वाला” बैल के निधन के बाद क्षेत्र के पट प्रतियोगिता प्रेमियों और ग्रामीणों ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर उसे श्रद्धांजलि दी।
एक बेजुबान जानवर के प्रति इस तरह का प्रेम, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।





