“PESA कानून की अनदेखी? गुनगुन जलाशय निर्माण पर बवाल, किसानों ने काम रुकवाने की मांग की”
मुआवजे के बिना निर्माण का आरोप, ग्राम सभा की अनुमति न लेने पर उठे सवाल, एक हफ्ते का अल्टीमेटम
Seoni 30 April 2026
सिवनी यशो:- सिवनी जिले में प्रस्तावित गुनगुन जलाशय बांध के निर्माण को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। मुआवजा न मिलने और जमीन पर जबरन कब्जे के आरोपों के बीच प्रभावित ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और निर्माण कार्य तत्काल रोकने की मांग की।
बिना भुगतान खेतों में घुसा निर्माण
भीमकुंडखाल, गुनगुन, गनेरी और लावेसर्रा गांव के किसानों का आरोप है कि ठेकेदारों ने बिना मुआवजा दिए ही खेतों में सड़क, पुलिया और अन्य निर्माण कार्य शुरू कर दिए हैं। किसानों का कहना है कि उनकी उपजाऊ जमीन पर जबरन कब्जा किया जा रहा है, जबकि अब तक उन्हें एक रुपया भी नहीं मिला है।
PESA और भूमि अधिग्रहण कानून पर सवाल
ग्रामीणों ने प्रशासन पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि आदिवासी क्षेत्रों में किसी भी परियोजना के लिए ग्राम सभा की अनुमति अनिवार्य होती है, लेकिन इस परियोजना में न तो ग्रामीणों से राय ली गई और न ही पंचायतों की सहमति ली गई।
एक हफ्ते का अल्टीमेटम, आंदोलन की चेतावनी
किसानों ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि एक सप्ताह के भीतर उचित मुआवजा नहीं दिया गया और निर्माण कार्य नहीं रोका गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा कि वे धरना-प्रदर्शन और आमरण अनशन तक जाएंगे।
“बिना भुगतान जमीन नहीं देंगे”
किसानों ने साफ शब्दों में कहा है कि बिना उचित मुआवजे के वे अपनी जमीन किसी भी हाल में नहीं छोड़ेंगे। साथ ही किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए शासन-प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
“जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा, तब तक काम नहीं होने देंगे” — प्रभावित किसान
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