एमपी में स्थापित होगा साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा
भोपाल में साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क पर परामर्श कार्यशाला का शुभारंभ
“डेटा की सुरक्षा अब सीमा सुरक्षा से भी अधिक महत्वपूर्ण” – मुख्यमंत्री
भोपाल यशो :- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित ‘राज्य डेटा के लिए साइबर सुरक्षा फ्रेमवर्क को सुदृढ़ बनाने’ विषयक परामर्श कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित करने की बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते डिजिटल दौर में साइबर सुरक्षा अब शासन और समाज दोनों के लिए सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल हो चुकी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश हर प्रकार की आधुनिक चुनौतियों से निपटने में सक्षम है और साइबर अपराधों के विरुद्ध प्रदेश पुलिस ने प्रभावी कार्य करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि “ऑपरेशन सिंदूर” के दौरान भी नई तकनीकों से जुड़ी चुनौतियां सामने आई थीं, जिनसे सीख लेकर अब और अधिक सतर्क एवं सक्षम व्यवस्था तैयार की जा रही है।
“समय रहते चुनौतियों को भांप लेते हैं प्रधानमंत्री मोदी”
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि वे समय रहते आने वाले खतरों और चुनौतियों को पहचान लेते हैं तथा शासन-प्रशासन को पहले से तैयार रहने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने जनधन योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2014 के बाद शुरू हुई इस पहल ने देश में डीबीटी व्यवस्था को मजबूत किया और अब शत-प्रतिशत लाभ सीधे हितग्राहियों के बैंक खातों तक पहुंच रहा है।

उन्होंने कहा कि आज डेटा सुरक्षा का महत्व सीमा सुरक्षा से भी अधिक हो गया है। यदि किसी नागरिक की जीवनभर की कमाई साइबर अपराधी एक झटके में उड़ा ले जाए तो यह गंभीर चिंता का विषय है।
साइबर अपराध के खिलाफ “देवदूत” तैयार करने की जरूरत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि साइबर अपराध के “अदृश्य राक्षसों” से मुकाबले के लिए प्रशिक्षित और तकनीकी रूप से सक्षम मानव संसाधन तैयार करना समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भारत की यूपीआई पेमेंट प्रणाली को दुनिया ने सराहा है, लेकिन इसके साथ सुरक्षा की जिम्मेदारी भी कई गुना बढ़ गई है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार नागरिकों के डिजिटल विश्वास को मजबूत करने के लिए साइबर सुरक्षा, डीप फेक और डेटा सुरक्षा जैसे विषयों पर गंभीरता से काम कर रही है। कार्यशाला में इन चुनौतियों से निपटने के लिए विभिन्न उपायों और तकनीकी समाधान पर चर्चा की जा रही है।
महू में स्थापित होगा साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साइबर अपराध और डेटा सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की जानकारी देते हुए कहा कि महू स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से प्रदेश में साइबर सिक्योरिटी रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र साइबर सुरक्षा, अनुसंधान, नवाचार एवं कौशल विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही साइबर अटैक की समय रहते पहचान, निगरानी और रोकथाम के लिए आधुनिक तकनीकी व्यवस्था विकसित करने में भी मदद करेगा।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह पहल केवल प्रतिक्रियात्मक व्यवस्था तक सीमित नहीं होगी, बल्कि पूर्वानुमान आधारित सतर्कता और सुरक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगी।


