एनसीसी कैंप में गूंजा अनुशासन और राष्ट्रसेवा का जज़्बा
600 कैडेट्स ने सीखे सैन्य कौशल, आपदा प्रबंधन और नेतृत्व के गुर, पीजी कॉलेज सिवनी की प्राची ताराम एवं शिवानी कुमरे सम्मानित

24 एमपी बटालियन के निर्देशन में आयोजित हुआ एनसीसी वार्षिक प्रशिक्षण कैंप
Seoni 23 May 2026
सिवनी यशो:- 24 एमपी बटालियन के कैंप कमांडेंट लेफ्टिनेंट कर्नल अमनप्रीत सिंह के नेतृत्व एवं निर्देशन में एनसीसी का वार्षिक प्रशिक्षण कैंप छिंदवाड़ा के कन्या शिक्षा परिसर में उत्साह, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति के वातावरण में आयोजित किया जा रहा है। इस भव्य प्रशिक्षण शिविर में छिंदवाड़ा, सिवनी एवं पांढुर्णा जिले के लगभग 600 एनसीसी कैडेट्स सहभागिता कर विभिन्न सैन्य, साहसिक एवं व्यक्तित्व विकास संबंधी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
पीजी कॉलेज सिवनी के कैडेट्स निभा रहे सक्रिय भूमिका
पीजी कॉलेज सिवनी से सीनियर अंडर ऑफिसर शिवानी कुमरे के नेतृत्व में 8 कैडेट्स का दल प्रशिक्षण शिविर में सक्रिय सहभागिता कर रहा है। महाविद्यालय की एनसीसी इकाई के अधिकारी लेफ्टिनेंट पवन कुमार वासनिक भी विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करने एवं मार्गदर्शन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
आपदा प्रबंधन और बचाव कार्यों का मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण
कैंप में कैडेट्स के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से विभिन्न जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। विशेष रूप से एसडीईआरएफ द्वारा आपदा प्रबंधन एवं आपदा की परिस्थितियों में एनसीसी कैडेट्स की भूमिका विषय पर विस्तृत प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान कैडेट्स को पानी में डूब रहे लोगों को सुरक्षित बचाने के उपाय, स्थानीय संसाधनों से बचाव उपकरण तैयार करने की तकनीक तथा आग बुझाने के विभिन्न तरीकों एवं उपकरणों के उपयोग की जानकारी दी गई।
वन संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का दिया संदेश
वन संरक्षण विषय पर आयोजित विशेष सत्र में फॉरेस्ट ऑफिसर श्री परिहार ने विद्यार्थियों को वन एवं वन्य जीवन संरक्षण के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वन, वन्य जीव एवं वन संपदा मानव जीवन और पर्यावरण के लिए अमूल्य धरोहर हैं।
उन्होंने बताया कि वनों से हमें शुद्ध वायु, औषधियाँ, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संतुलन प्राप्त होता है। विद्यार्थियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने एवं प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया गया।
फायरिंग प्रशिक्षण में कैडेट्स ने दिखाई एकाग्रता और उत्साह
सेना के महत्वपूर्ण प्रशिक्षणों में शामिल फायरिंग प्रशिक्षण में भी कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सेना के जवानों द्वारा कैडेट्स को फायरिंग की तकनीक, सुरक्षा नियमों एवं सटीक निशाना लगाने के महत्व की जानकारी दी गई।
जवानों ने बताया कि फायरिंग का मूल सिद्धांत “एक गोली, एक दुश्मन” है, अर्थात प्रत्येक निशाना पूरी एकाग्रता एवं सटीकता के साथ लगाया जाना चाहिए। इस प्रशिक्षण से कैडेट्स में अनुशासन, आत्मविश्वास एवं राष्ट्रसेवा की भावना और अधिक प्रबल हुई।
टेंट लगाने से लेकर बैटल क्राफ्ट तक मिला सैन्य प्रशिक्षण
कैंप में विशेष परिस्थितियों में टेंट लगाने का प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे कैडेट्स में टीम भावना एवं सामूहिक कार्यशैली का विकास हो रहा है। इसके अतिरिक्त बाधा प्रशिक्षण, फायर फाइटिंग, फील्ड क्राफ्ट, बैटल क्राफ्ट, फील्ड सिग्नल जैसी साहसिक एवं सैन्य गतिविधियों का प्रशिक्षण सेना के अनुभवी जवानों द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
सुबह 5 बजे से शुरू होती है अनुशासित दिनचर्या
लेफ्टिनेंट पवन कुमार वासनिक ने बताया कि कैंप की दिनचर्या अत्यंत अनुशासित एवं व्यवस्थित होती है। कैडेट्स प्रातः 5 बजे जागकर दैनिक दिनचर्या पूर्ण करते हैं तथा सुबह 6 बजे पीटी के लिए मैदान में उपस्थित हो जाते हैं, जहां सेना के प्रशिक्षित जवानों द्वारा शारीरिक प्रशिक्षण दिया जाता है। योग विशेषज्ञों द्वारा योग प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है।
इसके पश्चात कैडेट्स नाश्ता कर एनसीसी वर्दी में ड्रिल प्रशिक्षण प्राप्त करते हैं। बाद में क्लासरूम सत्रों में एनसीसी पाठ्यक्रम के अंतर्गत स्वास्थ्य एवं देखभाल, मैप रीडिंग, फील्ड सिग्नल, हथियार प्रशिक्षण, नेतृत्व क्षमता एवं व्यक्तित्व विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाती है।
विशेष व्याख्यानों से बढ़ा ज्ञान और आत्मविश्वास
प्रतिदिन विशेषज्ञों द्वारा हेल्थ एंड हाइजीन, वन संरक्षण, आपदा प्रबंधन, योग, अग्निवीर एवं सैन्य भर्ती जैसे विषयों पर विशेष व्याख्यान भी आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें कैडेट्स उत्साहपूर्वक सहभागिता कर रहे हैं।
खेल गतिविधियों से विकसित हो रही टीम भावना
दोपहर भोजन के बाद शाम 4 बजे गेम पीरियड आयोजित होता है, जिसमें कैडेट्स खो-खो, कबड्डी, वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेल गतिविधियों में भाग लेते हैं। शाम 6 बजे रोल कॉल परेड के माध्यम से सभी कैडेट्स की उपस्थिति सुनिश्चित की जाती है। इसके बाद रात्रि भोजन एवं विश्राम की व्यवस्था होती है।
अनुशासन, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का बन रहा आधार
इस प्रकार का प्रशिक्षण कैडेट्स में अनुशासन, समय प्रबंधन, आत्मनिर्भरता, नेतृत्व क्षमता एवं टीम भावना जैसे महत्वपूर्ण मानवीय गुणों का विकास करता है। कैंप के अंतिम दिवस लेफ्टिनेंट कर्नल अमनप्रीत सिंह द्वारा सभी कैडेट्स को प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दी गईं।
पीजी कॉलेज सिवनी की कैडेट्स को मिला विशेष सम्मान
कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को कमांडेंट द्वारा सम्मानित भी किया गया, जिसमें पीजी कॉलेज सिवनी की प्राची ताराम एवं शिवानी कुमरे को विशेष रूप से सम्मानित किया गया।



