“बाँध बने, नहरें अधूरी: सिवनी में सिंचाई योजनाओं की असली तस्वीर विधानसभा में उजागर”
सिवनी विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई योजनाओं की स्थिति पर खुलासा, जलसंसाधन, राजस्व और शिक्षा विभागों ने दिए जवाब
विधायक दिनेश राय मुनमुन के तारांकित प्रश्नों पर विधानसभा में विस्तृत जानकारी
Seoni 30 July 2025
प्रमुख बिंदु:
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सिंचाई योजनाओं में 6 जलाशयों के कार्य प्रगति पर, कुछ पर कार्य आरंभ नहीं
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गोपालगंज–लालमाटी क्षेत्र में पानी पहुंचाना तकनीकी रूप से संभव नहीं
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राजस्व विभाग ने 22,000 से अधिक प्रकरणों का किया निराकरण
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स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया – जिले में कोई भवनविहीन या जर्जर स्कूल नहीं
सिवनी में सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति
सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश विधानसभा के वर्तमान सत्र में सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में सिवनी विधानसभा क्षेत्र में कई सिंचाई योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से कुछ पूर्ण हो चुकी हैं, कुछ प्रगति पर हैं, और कुछ अब तक प्रारंभ नहीं हो सकी हैं।
मुख्य सिंचाई परियोजनाएं:
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दरबई जलाशय – 788.71 लाख, कार्य पूर्ण (100%)
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तिन्सा जलाशय – 837.59 लाख, कार्य प्रगति पर (95%)
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भीमकुंडी जलाशय – 685.49 लाख, नहर कार्य प्रगति पर (40%)
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रामगढ़ जलाशय – 668.48 लाख, कार्य प्रारंभ (5%)
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धुंधीटोला जलाशय – 821.23 लाख, कार्य अप्रारंभित (किसानों के विरोध के कारण)
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मटामा मुंडरई जलाशय – 1291.59 लाख, कार्य प्रगति पर (25%)
नवीन प्रस्तावित परियोजनाएं:
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चिखली जलाशय – 1896.03 लाख
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गुलुनाला जलाशय – 2055.00 लाख
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बक्शी जलाशय – 1047.00 लाख
गोपालगंज-लालमाटी क्षेत्र में सिंचाई क्यों असंभव?
मंत्री श्री सिलावट ने स्पष्ट किया कि पेंच व्यपवर्तन परियोजना का कमांड क्षेत्र इन गांवों तक नहीं पहुंचता। क्षेत्र के गांव जैसे बम्हनी, हरहरपुर, सुकवाह, खापा, आमाकोला आदि शाखा नहर के बेड लेवल से 42 मीटर ऊंचाई पर स्थित हैं। साथ ही परियोजना में अतिरिक्त जल उपलब्ध नहीं होने के कारण इन क्षेत्रों को पानी दिया जाना तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
जलाशयों से जल चोरी की स्थिति
जल चोरी को लेकर मंत्री ने बताया कि इसके संबंध में म.प्र. सिंचाई अधिनियम 1931, नियम-94 के तहत प्रकरण पुलिस विभाग में दर्ज कराए जाते हैं, और संबंधित आंकड़े विधानसभा पुस्तकालय में प्रस्तुत किए गए हैं।
राजस्व प्रकरणों की स्थिति – 22,000 से अधिक प्रकरणों का निराकरण
राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने बताया कि एसडीएम सुश्री मेघा शर्मा के कार्यकाल में 22353 राजस्व प्रकरणों का निराकरण किया गया है।
वर्तमान में नामांतरण, सीमांकन, फौती, बंटवारा के 79 प्रकरण अपील स्तर पर लंबित हैं। सीमांकन शीघ्रता से करने के लिए पटवारियों को TSM मशीन द्वारा प्रशिक्षण भी दिया गया है।
शासकीय शालाओं की स्थिति – कोई भी भवनविहीन या जर्जर नहीं
शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने विधायक के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा कि जिले में कोई भी जर्जर या भवनविहीन स्कूल नहीं है।
रिक्त पदों की पूर्ति नवीन भर्ती, स्थानांतरण एवं अतिथि शिक्षकों के माध्यम से की जा रही है।
कक्षा 6 से 8 की शालाओं में फर्नीचर उपलब्ध कराने का प्रावधान सत्र 2025-26 में किया गया है, जो बजट उपलब्धता के अनुसार क्रियान्वित होगा।
निष्कर्ष:
विधानसभा सत्र में सिवनी विधायक श्री मुनमुन के सवालों ने क्षेत्र की सिंचाई, राजस्व प्रशासन और शिक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर किया। यह स्पष्ट है कि कई योजनाएं अब भी अधूरी हैं और कई क्षेत्रों में तकनीकी या प्रशासनिक बाधाएं सिंचाई सुविधा में अवरोधक बनी हुई हैं।
जनप्रतिनिधि और प्रशासन दोनों के बीच जवाबदेही और पारदर्शिता का यह संवाद लोकतंत्र की सकारात्मक दिशा को दर्शाता है।



