मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ इंदौर से, प्रदेश में 5206 बसों का होगा संचालन
जुलाई से इंदौर में दौड़ेंगी 150 इलेक्ट्रिक बसें, 7 क्षेत्रों में विकसित होगा आधुनिक सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा: इंदौर से शुरू होगा बस संचालन, 5206 बसें चलेंगी
भोपाल यशो :- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित मध्यप्रदेश यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के संचालक मंडल की बैठक में प्रदेश की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। योजना के तहत बस संचालन की शुरुआत सबसे पहले इंदौर संभाग से की जाएगी, जहां जुलाई माह से प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के अंतर्गत 150 इलेक्ट्रिक बसें भी सड़कों पर उतरेंगी।
बैठक में परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कंपनी के प्रबंध संचालक मनीष सिंह ने प्रस्तुतीकरण देते हुए बताया कि प्रदेश को इंदौर, भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा सहित सात परिवहन क्षेत्रों में विभाजित किया जाएगा।
620 मार्गों पर 2432 बसें, इंदौर क्षेत्र में 608 बसों का संचालन
योजना के पहले चरण में सात क्षेत्रीय मुख्यालयों से प्रदेश के विभिन्न जिला मुख्यालयों को जोड़ने वाले 620 मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जिन पर 2432 बसों का संचालन प्रस्तावित है। इनमें इंदौर क्षेत्र के लिए 121 मार्ग तय किए गए हैं, जहां 608 बसें संचालित होंगी।
इंटरसिटी, सिटी और अंतर्राज्यीय सेवाओं का एकीकृत नेटवर्क
इंदौर से प्रदेश के अन्य जिलों के लिए इंटरसिटी बसें चलाई जाएंगी। वहीं शहर और आसपास के उपनगरीय क्षेत्रों के लिए सिटी बस सेवा संचालित होगी। इसके अलावा महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के लिए भी अंतर्राज्यीय बसों का संचालन किया जाएगा।
इंदौर क्षेत्र में कुल 250 मार्गों पर 1688 बसें संचालित करने की योजना है, जिनमें इंटरसिटी, सिटी और अंतर्राज्यीय सेवाएं शामिल हैं।
आमजन की सुविधा के लिए उपनगरीय क्षेत्रों तक पहुंचेगी बस सेवा
मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत सातों क्षेत्रीय मुख्यालयों में सिटी बसों का संचालन किया जाएगा। ये बसें केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेंगी बल्कि आसपास के महत्वपूर्ण उपनगरीय क्षेत्रों तक भी पहुंचेंगी। इंदौर में ऐसे 28 मार्ग चिन्हित किए गए हैं, जहां 784 बसें संचालित होंगी। इनमें 150 इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं।
निजी बस संचालकों पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव
बैठक में स्पष्ट किया गया कि नई परिवहन व्यवस्था से वर्तमान में संचालित निजी बस सेवाओं के परमिट या संचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निजी बसें पूर्व व्यवस्था के अनुसार संचालित होती रहेंगी। नई बस सेवाओं का संचालन मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के तहत योजना के प्रकाशन के बाद प्रारंभ किया जाएगा।
1190 नए पदों को मंजूरी
राज्य स्तरीय होल्डिंग कंपनी और सात क्षेत्रीय सहायक कंपनियों के संचालन के लिए कुल 1190 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इनमें प्रशासनिक, तकनीकी, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रवर्तन, आईटी और मानव संसाधन जैसे विभाग शामिल होंगे। इन पदों पर चरणबद्ध तरीके से आगामी चार वर्षों में भर्ती की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने दिए जनसुविधाओं के बेहतर प्रबंधन के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निर्देश दिए कि बस सेवाओं से जुड़े स्टैंड, यात्री सुविधाएं और अन्य व्यवस्थाएं जिला प्रशासन एवं नगरीय निकायों के माध्यम से व्यवस्थित की जाएं, ताकि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सके। उन्होंने सातों शहरों में संचालित कंपनियों की वित्तीय देनदारियों के संबंध में भी युक्तिसंगत निर्णय लेने के निर्देश दिए।
मुख्य बिंदु एक नजर में
प्रदेश को 7 परिवहन क्षेत्रों में बांटा जाएगा।
620 मार्गों पर 2432 बसों का संचालन।
इंदौर क्षेत्र में 121 मार्गों पर 608 बसें।
जुलाई से इंदौर में 150 इलेक्ट्रिक बसें शुरू होंगी।
4 राज्यों के लिए अंतर्राज्यीय बस सेवा।
निजी बसों के संचालन पर कोई असर नहीं।
1190 नए पदों के सृजन को मंजूरी।
अगले 4 वर्षों में चरणबद्ध भर्ती होगी।



