मध्यप्रदेशछिंदवाड़ा

पद्मश्री डॉ. अरुणा मोहंती सहित देश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने छिंदवाड़ा में बिखेरे भारतीय संस्कृति के रंग

कला संगम शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव में कथक, भरतनाट्यम, ओडिसी और कुचिपुड़ी की मनमोहक प्रस्तुतियों ने जीता दर्शकों का दिल

कला संगम शास्त्रीय नृत्य महोत्सव – पद्मश्री डॉ. अरुणा मोहंती की प्रस्तुति से गूंजा छिंदवाड़ा

Chhindwara 01 june 2026
छिंदवाड़ा यशो:- कला संगम इंस्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स द्वारा आयोजित दो दिवसीय कला संगम शास्त्रीय नृत्य एवं संगीत महोत्सव का भव्य समापन बादल भोई आदिवासी संग्रहालय के खुले सभागार में हुआ।

30 एवं 31 मई 2026 को आयोजित इस महोत्सव में देशभर से आए पद्मश्री सम्मानित एवं ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों को भारतीय संस्कृति और शास्त्रीय कला की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया।

छिंदवाड़ा में कला संगम शास्त्रीय नृत्य महोत्सव में प्रस्तुति देतीं पद्मश्री डॉ अरुणा मोहंती एवं अन्य कलाकार
छिंदवाड़ा के बादल भोई आदिवासी संग्रहालय में आयोजित कला संगम महोत्सव में पद्मश्री डॉ. अरुणा मोहंती सहित देश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद विवेक बंटी साहू ने कहा कि पद्मश्री कलाकारों की छिंदवाड़ा में प्रस्तुति जिले के लिए गौरव की बात है।

उन्होंने कहा कि नृत्य और संगीत भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं तथा ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने कला संगम के निर्देशक अमित डोले एवं उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य बारेलाल अहिरवार ने कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि छिंदवाड़ा में ऐसे सांस्कृतिक आयोजन लगातार होते रहने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार कला एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए हरसंभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।

पहले दिन कथक और भरतनाट्यम की रही शानदार प्रस्तुति

महोत्सव के प्रथम दिवस पर दिल्ली के प्रसिद्ध कथक कलाकार धीरेंद्र तिवारी ने अपनी आकर्षक प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

इसके बाद चेन्नई की प्रसिद्ध भरतनाट्यम नृत्यांगना श्वेता प्रचंडे ने शास्त्रीय नृत्य की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के अंत में छिंदवाड़ा के युवा कलाकार एवं कला संगम के निर्देशक अमित डोले ने भरतनाट्यम प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी।

पद्मश्री डॉ. अरुणा मोहंती की ओडिसी प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

महोत्सव के दूसरे दिन भुवनेश्वर से आईं पद्मश्री डॉ. अरुणा मोहंती एवं उनके समूह ने ओडिसी नृत्य की अद्भुत प्रस्तुति दी। उनकी प्रस्तुति ने ओडिशा की सांस्कृतिक विरासत और शास्त्रीय नृत्य की गहराई को मंच पर जीवंत कर दिया।

इसके बाद चेन्नई के रंजीत बाबू एवं विजिना वासुदेवन ने भरतनाट्यम युगल प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। महोत्सव का समापन केरल की प्रसिद्ध कुचिपुड़ी नृत्यांगना श्रीलक्ष्मी गोवर्धनन की ऊर्जावान प्रस्तुति के साथ हुआ।

छिंदवाड़ा बना सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र

दो दिवसीय महोत्सव ने यह सिद्ध कर दिया कि छिंदवाड़ा अब केवल विकास और शिक्षा ही नहीं, बल्कि कला और संस्कृति के क्षेत्र में भी राष्ट्रीय पहचान बना रहा है। देश के विभिन्न राज्यों की शास्त्रीय नृत्य परंपराओं को एक मंच पर देखने का अवसर शहरवासियों के लिए अविस्मरणीय अनुभव रहा।

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