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मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय : नरेश मरावी

कांग्रेस ने भाजपा पर लगाया लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप

मीनाक्षी नटराजन नामांकन निरस्त होना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय : नरेश मरावी ने जिला कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन में आयोजित हुई पत्रकार वार्ता में भाजपा पर लगाया आरोप 

सिवनी यशो :- कांग्रेस प्रत्याशी का राज्यसभा नामांकन निरस्त होने के मुद्दे को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा शुक्रवार को जिला कांग्रेस कार्यालय इंदिरा भवन में पत्रकार वार्ता आयोजित की गई। पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया जाना लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है और यह भाजपा के तानाशाही रवैये का उदाहरण है।

उन्होंने आरोप लगाया कि साफ छवि, गांधीवादी विचारधारा और अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली महिला प्रत्याशी का नामांकन षड्यंत्रपूर्वक निरस्त कराया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का काम किया है।

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झारखंड के मामले का दिया उदाहरण

नरेश मरावी ने कहा कि झारखंड में एनडीए उम्मीदवार परिमल नथवानी के नामांकन पत्र में कई खामियां होने के बावजूद उनका नामांकन निरस्त नहीं किया गया, जबकि कांग्रेस द्वारा उस पर आपत्ति दर्ज कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि रिटर्निंग ऑफिसर ने शुरुआत में नामांकन होल्ड किया, लेकिन बाद में भाजपा के दबाव में उसे स्वीकार कर लिया गया।

वहीं दूसरी ओर मध्यप्रदेश में मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त कर दिया गया, जिससे भाजपा के दोहरे मापदंड उजागर होते हैं।

कांग्रेस विधायकों को प्रलोभन देने का आरोप

जिला कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास तीसरे उम्मीदवार को राज्यसभा भेजने के लिए पर्याप्त वोट नहीं थे, इसके बावजूद उम्मीदवार मैदान में उतारा गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद कांग्रेस के कई विधायकों को करोड़ों रुपये का प्रलोभन देकर वोट प्रभावित करने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि जब भाजपा अपने प्रयासों में सफल नहीं हुई तो आपत्तियों के माध्यम से रिटर्निंग ऑफिसर से नामांकन निरस्त करवाया गया।

प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने दिया धरना

नरेश मरावी ने बताया कि नामांकन निरस्त होने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष , नेता प्रतिपक्ष , सहित कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक प्रदेश निर्वाचन कार्यालय पहुंचे, लेकिन उन्हें अंदर प्रवेश नहीं दिया गया।

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उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेताओं ने पूरी रात निर्वाचन कार्यालय के बाहर धरना दिया, लेकिन अगले दिन भी निर्वाचन अधिकारियों ने उनसे मिलने से इंकार कर दिया।

राष्ट्रपति से मिलने का समय नहीं मिला

उन्होंने बताया कि दिल्ली में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष , के.सी. वेणुगोपाल, विवेक तन्खा, अभिषेक मनु सिंघवी सहित वरिष्ठ नेताओं का प्रतिनिधिमंडल महामहिम राष्ट्रपति से मिलने पहुंचा, लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई से किया इंकार

नरेश मरावी ने कहा कि नामांकन निरस्त किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई, लेकिन वहां भी सुनवाई से इंकार कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया के माध्यम से भाजपा द्वारा लोकतंत्र और संविधान के विरुद्ध किए जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाएगी।

पत्रकार वार्ता में जेपीएस तिवारी, जिला कांग्रेस संगठन महासचिव हाजी मोहम्मद हनीफ अंसारी, राजिक अकील, शिवदीप डेहरिया सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।

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