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पेट दर्द से तड़पती पहुंची महिला, सिद्धू हॉस्पिटल में सफल ऑपरेशन से निकला 6 किलो से अधिक का ट्यूमर

डॉक्टरों की तत्परता से बची महिला की जान, मरीज बोली- “यह अस्पताल हमारे लिए किसी मंदिर से कम नहीं”

सिद्धू हॉस्पिटल में महिला के पेट से निकला ट्यूमर वजन 6.320 किलो ग्राम,सफल ऑपरेशन से बची जान

सिवनी यशो:- सेवा और संवेदनशीलता का एक प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला जब बरघाट विकासखंड के अमागढ़ क्षेत्र की रहने वाली 52 वर्षीय महिला विमला चौरसिया पेट में असहनीय दर्द से तड़पते हुए नगर के सिद्धू हॉस्पिटल पहुंची। महिला की गंभीर स्थिति को देखते हुए अस्पताल की चिकित्सा टीम ने बिना देर किए उन्हें भर्ती कर उपचार प्रारंभ किया।

प्राथमिक जांच के दौरान डॉक्टर के.सी. मेश्राम द्वारा तत्काल सोनोग्राफी कराई गई, जिसमें पता चला कि हार्मोनल असंतुलन के कारण महिला के पेट में अत्यधिक बड़ा ट्यूमर विकसित हो चुका है। जांच रिपोर्ट देखने के बाद अस्पताल की पूरी टीम ने तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया।

दो घंटे चले ऑपरेशन में निकला 6 किलो 320 ग्राम का ट्यूमर

सिद्धू हॉस्पिटल के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए ऑपरेशन की तैयारी की। लगभग दो घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट से 6 किलो 320 ग्राम वजन का बड़ा ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला गया। चिकित्सकों के अनुसार यदि समय रहते यह ट्यूमर नहीं निकाला जाता तो भविष्य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का खतरा उत्पन्न हो सकता था।

ऑपरेशन में डॉक्टर जी.एस. सिद्धू, डॉक्टर एम.एस. नागले, डॉक्टर के.सी. मेश्राम, डॉक्टर सैयद अली, डॉक्टर शुभम तथा अस्पताल के समस्त सहयोगी स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

हार्मोनल समस्या के कारण बढ़ रहा था ट्यूमर

इस संबंध में सिद्धू हॉस्पिटल के संचालक डॉक्टर जी.एस. सिद्धू ने बताया कि मरीज विमला चौरसिया के तीन बच्चे हैं तथा पूर्व में नसबंदी भी हो चुकी थी। इसके बावजूद हार्मोनल डिस्टर्बेंस के कारण पेट में लगातार ट्यूमर बढ़ रहा था। इस कारण महिला को उठने-बैठने और सामान्य कार्य करने में भी गंभीर परेशानी हो रही थी।

उन्होंने बताया कि समय पर उपचार और सफल ऑपरेशन के कारण अब महिला पूरी तरह सुरक्षित है और तेजी से स्वस्थ हो रही है।

“हमारे लिए यह अस्पताल किसी मंदिर से कम नहीं”

ऑपरेशन के बाद महिला विमला चौरसिया ने अस्पताल के डॉक्टरों और स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें काफी राहत महसूस हो रही है। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “हमारे लिए यह अस्पताल किसी मंदिर से कम नहीं है, जिसने हमें नया जीवन दिया है।”

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि बीमारी को नजरअंदाज न करें और समय पर अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं, ताकि गंभीर बीमारियों सेऐ बचा जा सके।

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