3 करोड़ की प्रॉपर्टी के लिए रची गई जानलेवा साजिश, भोपाल से बुलाए गए शूटर
बुधवारी फायरिंग कांड का पुलिस ने किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार, मुख्य साजिशकर्ता फरार
Seoni 17 June 2026
सिवनी यशो:- शहर के बहुचर्चित बुधवारी फायरिंग कांड का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक कृष्ण लालचंदानी ने पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि यह घटना संपत्ति विवाद से जुड़ी सुनियोजित आपराधिक साजिश का परिणाम थी।
आरोपियों ने करीब तीन करोड़ रुपये मूल्य की विवादित संपत्ति पर अपना हित साधने के उद्देश्य से भोपाल से शूटर बुलाकर फरियादी के घर पर जानलेवा फायरिंग कराई थी। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता अभी फरार है।
यह भी पढ़े :- पुलिस लाइन सिवनी में आयोजित हुआ “सृजन” कार्यक्रम, बच्चों को महिला सुरक्षा और हेल्पलाइन की दी जानकारी
पुलिस अधीक्षक श्री लालचंदानी ने बताया कि 12 जून 2026 को सुनारी मोहल्ला निवासी शैलेन्द्र चौरसिया ने थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11-12 जून की दरमियानी रात लगभग 2:30 बजे अज्ञात व्यक्तियों ने उसके घर पर गोली चलाई।

सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, जहां सड़क पर बुलेट का खाली खोखा तथा दुकान के शटर पर गोली लगने के निशान मिले। गोली शटर को चीरते हुए घर के अंदर पहुंची थी।
यह भी पढ़े :- सराफा व्यापारी पर बीच बाजार हुई फायरिंग, बदमाश लाखों की ज्वेलरी लूटकर फरार
जांच में सामने आया कि जिस स्थान पर गोली लगी थी, उसी स्थान पर फरियादी प्रतिदिन सोता था। इससे स्पष्ट हुआ कि हमला उसे जान से मारने की नीयत से किया गया था।
तीन करोड़ की प्रॉपर्टी बनी विवाद की जड़
पुलिस जांच में पता चला कि छिंदवाड़ा चौक स्थित लगभग तीन करोड़ रुपये मूल्य की एक विवादित संपत्ति को लेकर फरियादी का अपने परिजनों से विवाद चल रहा है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
यह भी पढ़े :-सुनारी मोहल्ला में फायरिंग से हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी
इसी दौरान फरियादी ने उक्त संपत्ति को किसी अन्य व्यक्ति को बेचने के लिए एग्रीमेंट किया था।
पुलिस के अनुसार आरोपी अमन चौहान और गौरव दीक्षित भी संपत्ति बिकने पर लाभ लेना चाहते थे, लेकिन उनके मंसूबे पूरे नहीं हो रहे थे।
इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि संपत्ति विवाद को लेकर फरियादी को पूर्व में जान से मारने की धमकी भी मिल चुकी है। आरोपियों ने इसी परिस्थिति का लाभ उठाने के लिए एक खतरनाक साजिश रची।
यह भी पढ़े :-
भोपाल से बुलाए गए शूटर
पुलिस के अनुसार गौरव दीक्षित और अमन चौहान ने भोपाल से दो शूटरों निखिल वाथम और गोलू अहिरवार को बुलाया। योजना के तहत निखिल वाथम ने देशी पिस्टल से उस स्थान पर गोली चलाई जहां फरियादी सामान्यतः सोया करता था।
संयोगवश घटना वाली रात फरियादी उस स्थान पर नहीं सोया, जिससे उसकी जान बच गई।
घटना के दौरान गोलू अहिरवार मोटरसाइकिल चला रहा था और शूटर को घटनास्थल तक लेकर गया था। घटना में प्रयुक्त बाइक की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर अमन चौहान द्वारा की गई थी।
50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर पहुंची पुलिस
घटना के बाद कोतवाली पुलिस ने लगातार जांच करते हुए लगभग 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले।
तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर सूचना के आधार पर सबसे पहले अमन चौहान को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में पूरे षड्यंत्र का खुलासा हुआ और अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
मुख्य आरोपी अब भी फरार
पुलिस के अनुसार मामले का मुख्य साजिशकर्ता गौरव दीक्षित घटना के बाद से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं।
पुलिस ने बताया कि गौरव दीक्षित एवं मुख्य शूटर निखिल वाथम पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं।
गिरफ्तार आरोपी
- निखिल वाथम (25 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल
- गोलू अहिरवार (25 वर्ष) निवासी गैस राहत कॉलोनी, निशातपुरा, भोपाल
- अमन चौहान (28 वर्ष) निवासी भैरोगंज, सिवनी
फरार आरोपी
गौरव दीक्षित (30 वर्ष) निवासी हाउसिंग बोर्ड, सिवनी
जब्त सामग्री
- एक देशी पिस्टल
- एक जिंदा कारतूस
- टीवीएस राइडर मोटरसाइकिल क्रमांक MP22 ZE 2195
- एक कीपैड मोबाइल फोन
इनकी रही विशेष भूमिका
मामले के खुलासे में एसडीओपी सचिन परते, थाना प्रभारी सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश गौडाने, सिद्धार्थ दुबे, सतीश इनवाती एवं प्रतीक बघेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



