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छिंदवाड़ा में पेयजल संकट गहराया, माचागोरा डेम को कुलबेहरा से जोड़ने और कन्हरगांव बांध की ऊंचाई बढ़ाने की मांग

महापौर विक्रम अहाके बोले— समय रहते वैकल्पिक व्यवस्था जरूरी, हर वार्ड में ट्यूबवेल और जलापूर्ति के स्थायी समाधान पर दें ध्यान

छिंदवाड़ा पेयजल संकट : माचागोरा डेम को कुलबेहरा से जोड़ने और कन्हरगांव बांध बढ़ाने की मांग

Chhindwara, 27 June 2026
छिंदवाड़ा यशो:-मानसून की देरी के चलते छिंदवाड़ा शहर में पेयजल संकट गहराने लगा है। कन्हरगांव बांध में जलस्तर घटने से पिछले तीन-चार दिनों से नियमित जलापूर्ति प्रभावित हुई है।

फिलहाल नगर निगम ट्यूबवेलों के माध्यम से पानी की आपूर्ति कर रहा है, लेकिन बढ़ती समस्या को देखते हुए स्थायी समाधान की मांग तेज हो गई है।

महापौर विक्रम अहाके ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि नगर निगम वैकल्पिक व्यवस्था करने में जुटा है।

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उन्होंने बताया कि माचागोरा डेम में पर्याप्त पेयजल उपलब्ध है और धर्मटेकड़ी स्थित पंप हाउस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।

माचागोरा डेम को कुलबेहरा से जोड़ने का सुझाव

महापौर ने कहा कि यदि धर्मटेकड़ी से कुलबेहरा डेम तक पहले से बिछी पाइपलाइन को जोड़ दिया जाए, तो शहर की पेयजल समस्या का काफी हद तक समाधान हो सकता है।

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उनका कहना है कि माचागोरा डेम में पर्याप्त पानी उपलब्ध है और इस जल स्रोत का बेहतर उपयोग किया जाना चाहिए।

हर वार्ड में ट्यूबवेल और कन्हरगांव बांध के विस्तार की जरूरत

उन्होंने सुझाव दिया कि शहर में भूजल स्तर अभी भी अनुकूल है और लगभग 100 फीट की गहराई पर पानी उपलब्ध हो जाता है।

ऐसे में प्रत्येक वार्ड में आपातकालीन स्थिति के लिए नए ट्यूबवेल स्थापित किए जाने चाहिए।

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महापौर ने कन्हरगांव बांध की ऊंचाई बढ़ाने का भी प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि इससे बांध का कैचमेंट एरिया बढ़ेगा और भविष्य में पेयजल संकट की संभावना कम होगी।

उन्होंने कहा कि नगर निगम, जिला प्रशासन और राज्य शासन को दीर्घकालिक पेयजल प्रबंधन की दिशा में अभी से ठोस कदम उठाने होंगे, अन्यथा आने वाले समय में शहर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।

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