छपारा नगर परिषद की लापरवाही से बढ़ीं पीड़ित परिवार की मुश्किलें
मृत्यु प्रमाणपत्र में पति का नाम गलत, दो माह बाद भी नहीं मिली अंत्येष्टि सहायता और मुआवजा
मृत्यु प्रमाणपत्र में त्रुटि और सरकारी सहायता नहीं मिलने से परेशान सुदेश तेकाम ने प्रशासन से न्याय की मांग की।
छपारा मृत्यु प्रमाणपत्र लापरवाही : पति का नाम गलत, पीड़ित परिवार मुआवजे से भी वंचित
Seoni, 30 June 2026 सिवनी / छपारा यशो:- नगर परिषद छपारा की कथित प्रशासनिक लापरवाही ने एक शोकग्रस्त परिवार की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। संजय कॉलोनी निवासी सुदेश तेकाम अपनी पत्नी संगीता तेकाम (35) की मृत्यु के दो महीने बाद भी न केवल सरकारी सहायता का इंतजार कर रहे हैं, बल्कि अब त्रुटिपूर्ण मृत्यु प्रमाणपत्र के कारण भी सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
मजदूरी के दौरान हादसे में हुई थी महिला की मौत
जानकारी के अनुसार, सुदेश तेकाम और उनकी पत्नी संगीता तेकाम मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। 14 मई 2026 को छपारा के लालमाटी क्षेत्र में एक निर्माणाधीन मकान में कार्य के दौरान अचानक दीवार ढह गई, जिससे संगीता तेकाम की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस हादसे ने परिवार की आजीविका का मुख्य सहारा छीन लिया।
परिजनों का आरोप है कि घटना के दो महीने बीत जाने के बावजूद नगर परिषद की ओर से मिलने वाली अंत्येष्टि सहायता राशि और श्रम विभाग से कार्य के दौरान हुई मृत्यु पर मिलने वाला मुआवजा अब तक स्वीकृत नहीं किया गया। उनका यह भी कहना है कि हादसे के बाद किसी भी जिम्मेदार अधिकारी ने परिवार से संपर्क कर सहायता या मार्गदर्शन तक नहीं किया।
मृत्यु प्रमाणपत्र में पति का नाम गलत दर्ज
पीड़ित परिवार की परेशानी तब और बढ़ गई जब जनपद पंचायत छपारा में आयोजित जिला स्तरीय जनकल्याण शिविर के माध्यम से 22 जून को जारी मृत्यु प्रमाणपत्र में मृतका के पति का नाम सुदेश की जगह सुरेश दर्ज कर दिया गया। जबकि आवेदन के साथ आधार कार्ड, समग्र आईडी और अन्य आवश्यक दस्तावेज जमा किए गए थे।
सुदेश तेकाम का कहना है कि वे पिछले एक सप्ताह से नगर परिषद कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारी के उपलब्ध नहीं होने के कारण हर बार निराश होकर लौटना पड़ रहा है। उनका कहना है कि इतनी गंभीर त्रुटि जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर के दौरान होना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
पीड़ित परिवार ने मृत्यु प्रमाणपत्र में तत्काल सुधार, अंत्येष्टि सहायता राशि और श्रम विभाग से मिलने वाले वैधानिक मुआवजे का शीघ्र भुगतान कराने की मांग की है। उनका कहना है कि आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहे परिवार को अब और इंतजार न कराया जाए।
नोट: यह समाचार पीड़ित परिवार द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर तैयार किया गया है। संबंधित पक्ष या प्रशासन का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।
मृत्यु प्रमाणपत्र में त्रुटि और सरकारी सहायता नहीं मिलने से परेशान सुदेश तेकाम ने प्रशासन से न्याय की मांग की।