मध्यप्रदेशसिवनी

PMFME योजना से बदली मयूर ठाकुर की पहचान, दुग्ध संग्रहकर्ता से बने सफल उद्यमी

केवलारी के युवा ने सरकारी योजना से शुरू किया दुग्ध प्रसंस्करण उद्योग, अब छह लोगों को मिला रोजगार

PMFME योजना सिवनी से बदली मयूर ठाकुर की पहचान, दुग्ध प्रसंस्करण से बने सफल उद्यमी

Seoni, 12 July 2026
सिवनी यशो:-  प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) ने जिले के केवलारी विकासखंड के ग्राम देहवानी निवासी मयूर ठाकुर की जिंदगी बदल दी है। पहले गांवों से दूध एकत्रित कर खुले बाजार में बेचने वाले मयूर ठाकुर आज आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण इकाई संचालित कर रहे हैं। उनके उद्यम से न केवल उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, बल्कि छह स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है।

जिला कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना के मार्गदर्शन तथा सहायक संचालक उद्यानिकी डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार के निर्देशन में उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। योजना के माध्यम से युवाओं, किसानों और उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

PMFME योजना के तहत स्थापित दुग्ध प्रसंस्करण इकाई में कार्य करते केवलारी के उद्यमी मयूर ठाकुर।
केवलारी निवासी मयूर ठाकुर ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना का लाभ लेकर आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण इकाई स्थापित की। आज उनके उद्यम से छह लोगों को रोजगार मिल रहा है।

16 दिन में स्वीकृत हुआ 9.78 लाख रुपये का ऋण

अपने व्यवसाय का विस्तार करने की इच्छा रखने वाले मयूर ठाकुर ने विभाग से संपर्क कर PMFME योजना के तहत आवेदन किया। विभागीय अधिकारियों एवं जिला रिसोर्स पर्सन के सहयोग से आवेदन तैयार किया गया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, केवलारी शाखा ने मात्र 16 दिनों में 9 लाख 78 हजार 800 रुपये का ऋण स्वीकृत कर दिया। इसके साथ ही योजना के तहत उन्हें 3 लाख 42 हजार 650 रुपये का अनुदान भी मिला।

यह भी पढ़े :- सिवनी नगरपालिका में ‘करोड़ों का खेल’! कांग्रेस का आरोप- डेढ़ घंटे में 117 प्रस्ताव पास, खरीदी से भुगतान तक बड़ा भ्रष्टाचार

दूध से तैयार कर रहे मूल्य संवर्धित उत्पाद

वित्तीय सहायता मिलने के बाद फरवरी 2025 में उन्होंने आधुनिक मशीनों की स्थापना कर खोवा, पनीर, घी, मक्खन और दही जैसे दुग्ध उत्पादों का निर्माण शुरू किया। इससे उनके व्यवसाय को नई पहचान मिली और उन्हें हर महीने 20 से 25 हजार रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलने लगा।

नैनपुर में खोली मिठाई की दुकान

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन से मयूर ठाकुर ने आगे चलकर विभिन्न प्रकार की मिठाइयों का निर्माण भी शुरू किया। बेहतर गुणवत्ता और ग्राहकों के विश्वास के कारण उनके उत्पादों की मांग लगातार बढ़ी, जिसके बाद उन्होंने नैनपुर विकासखंड में मिठाई की दुकान भी शुरू की।

यह भी पढ़े :-CM मोहन यादव बोले- रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा; 2027 होगा मध्यप्रदेश का ‘युवा वर्ष’

छह लोगों को मिला रोजगार, सालाना चार लाख रुपये की शुद्ध आय

आज मयूर ठाकुर का उद्यम लगातार प्रगति कर रहा है। उनके प्रतिष्ठान में छह लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है और वे प्रतिवर्ष लगभग चार लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। उनकी सफलता ग्रामीण युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग कर स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है।

https://hindi.theprint.in/india/economy/more-than-two-lakh-micro-enterprises-have-been-allocated-subsidies-under-the-pmfme-scheme-chirag-paswan/998206/

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button