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सिवनी नगर पालिका में ‘खरीदी मॉडल’ पर बवाल: कांग्रेस बोली—सड़कें छोड़ सामान खरीदा जा रहा, जांच हो

115 प्रस्ताव बिना चर्चा मंजूर करने, 35.08 लाख के भुगतान और नई खरीद में अनियमितता के लगाए आरोप, जांच की मांग दोहराई

सिवनी नगर पालिका पर कांग्रेस पार्षदों के गंभीर आरोप, खरीदी और 35.08 लाख भुगतान की जांच की मांग

Seoni 01 August 2026
सिवनी यशो:- सिवनी नगर पालिका परिषद की कार्यप्रणाली को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने एक बार फिर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि नगर पालिका का ध्यान शहर के विकास कार्यों की बजाय सामग्री खरीदी पर अधिक केंद्रित है।

उन्होंने दावा किया कि कई आवश्यक संसाधन खराब हालत में पड़े हैं, लेकिन उनकी मरम्मत कराने के बजाय नई सामग्री खरीदी जा रही है, जिससे पालिका निधि पर अनावश्यक वित्तीय भार पड़ रहा है।

सिवनी नगर पालिका की कार्यप्रणाली और सामग्री खरीदी को लेकर आरोप लगाते कांग्रेस पार्षद
सिवनी नगर पालिका में सामग्री खरीदी और परिषद की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने अनियमितता के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

115 प्रस्ताव डेढ़ घंटे में मंजूर करने का आरोप

कांग्रेस पार्षदों ने बताया कि 6 जुलाई 2026 को आयोजित साधारण सम्मिलन में 117 विषय एजेंडे में शामिल थे, जिनमें अधिकांश सामग्री खरीदी और दर स्वीकृति से संबंधित थे। उनका आरोप है कि बैठक का एजेंडा अवकाश के दिन केवल दो दिन पहले उपलब्ध कराया गया, जिससे पार्षदों को फाइलों का अध्ययन करने का पर्याप्त समय नहीं मिला।

कांग्रेस पार्षदों के अनुसार उन्होंने जिला कलेक्टर और मुख्य नगर पालिका अधिकारी से बैठक स्थगित करने का अनुरोध किया था, लेकिन मांग अस्वीकार कर दी गई। उनका दावा है कि बैठक में करीब डेढ़ घंटे के भीतर 115 प्रस्ताव बिना किसी विस्तृत चर्चा के मंजूर कर दिए गए।

35.08 लाख के भुगतान पर उठाए सवाल

कांग्रेस पार्षदों का आरोप है कि परिषद के प्रस्ताव क्रमांक-69 के तहत दादा गुरु कंस्ट्रक्शन को कायाकल्प अभियान के डामरीकरण कार्य की अतिरिक्त राशि के रूप में 35,08,374 का भुगतान 10 जुलाई 2026 को कर दिया गया, जबकि संबंधित कार्यवृत्त (प्रोसीडिंग) आज तक पूर्ण नहीं किया गया है। उन्होंने इस भुगतान की जांच कराने की मांग की है।

सिवनी नगर पालिका की कार्यप्रणाली और सामग्री खरीदी को लेकर आरोप लगाते कांग्रेस पार्षद
सिवनी नगर पालिका में सामग्री खरीदी और परिषद की कार्यवाही को लेकर कांग्रेस पार्षदों ने अनियमितता के आरोप लगाते हुए जांच की मांग की।

“मरम्मत के बजाय नई खरीदी” का आरोप

कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका द्वारा चलित शौचालय, ट्रैक्टर-ट्रॉली, जेसीबी, मिनी फायर वाहन, हाथगाड़ी और अन्य सामग्री खरीदने के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए, जबकि पहले से उपलब्ध कई वाहन और उपकरण खराब होकर कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि:

  • पहले खरीदी गई छोटी नाला सफाई मशीन उपयोग न होने से जंग खा रही है।
  • नई छोटी जेसीबी लगभग ₹24.45 लाख में खरीदी गई है, जिसके लोहे के पहिए शहर की डामर और सीसी सड़कों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
  • पहले से सैकड़ों डस्टबिन फिल्टर प्लांट और मानस भवन परिसर में पड़े हैं, जबकि नगरीय प्रशासन का उद्देश्य नगर पालिकाओं को “डस्टबिन मुक्त” करना है। इसके बावजूद नए डस्टबिन खरीदे जाने पर उन्होंने सवाल उठाए।

शव वाहन और फ्रीजर मरम्मत न होने का भी आरोप

कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि नगर पालिका के दो शव वाहनों में से एक लंबे समय से खराब पड़ा है। कई बार एक साथ दो शव वाहनों की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन खराब वाहन की मरम्मत नहीं कराई जा रही है। इसी तरह शव संरक्षण के लिए उपयोग होने वाले फ्रीजर भी लंबे समय से खराब पड़े हैं, जिससे नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ रही है।

कार्यकारी अध्यक्ष पर भी लगाए आरोप

कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया नगर की मूलभूत समस्याओं के समाधान की बजाय सामग्री खरीद में अधिक रुचि ले रहे हैं। उनका कहना है कि शहर को सुंदर बनाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए अपेक्षित कार्य नहीं किए जा रहे हैं।

पहले भी की जा चुकी हैं शिकायतें

कांग्रेस पार्षदों ने बताया कि इस संबंध में जिला कलेक्टर, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन जबलपुर तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग भोपाल को कई बार शिकायतें भेजी गई हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग दोहराई है।

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