रिद्धि-सिद्धि के अधिपति भगवान श्री गणेश के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब, गणेश चौथ पर दिव्य हवन-पूजन और भव्य महाआरती
श्री गणेश मंदिर में श्रावण और भाद्रपद मास के दौरान उमड़ती है अपार श्रद्धा, विघ्नहर्ता के दर्शन से धन्य हुए श्रद्धालु
रिद्धि-सिद्धि के अधिपति भगवान श्री गणेश के दरबार में उमड़ी आस्था, गणेश चौथ पर भव्य महाआरती
सिवनी यशो :- विघ्नहर्ता, प्रथम पूज्य एवं रिद्धि-सिद्धि के अधिपति भगवान श्री गणेश को समर्पित नगर के विख्यात श्री गणेश मंदिर, शंकराचार्य चौक में गणेश चौथ का पावन पर्व अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। प्रातःकाल से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। भक्तों ने भगवान श्री गणेश के श्रीचरणों में दूर्वा, मोदक, पुष्प एवं नैवेद्य अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि, बुद्धि, सिद्धि और सभी विघ्न-बाधाओं के नाश की कामना की।
वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत हवन-पूजन संपन्न हुआ। इसके पश्चात भगवान श्री गणेश की दिव्य एवं भव्य महाआरती उतारी गई। आरती के समय मंदिर परिसर “गणपति बप्पा मोरया” और “जय श्री गणेश” के जयघोषों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर आरती में सहभागिता की तथा महाआरती के बाद सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।
नगर की धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र बना यह श्री गणेश मंदिर वर्षभर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहता है, किंतु श्रावण और भाद्रपद मास में यहां विशेष धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम निरंतर चलता है। इन पवित्र महीनों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान श्री गणेश के दर्शन, पूजन एवं आरती के लिए पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि रिद्धि-सिद्धि के अधिपति भगवान श्री गणेश के इस पावन दरबार में सच्चे मन से की गई प्रार्थना से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के विघ्न दूर होते हैं।
मंदिर के पुजारी हरि कुमार तिवारी ने बताया कि प्रत्येक माह आने वाली गणेश चौथ पर विशेष हवन-पूजन, महाआरती एवं महाप्रसाद वितरण का आयोजन किया जाता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से प्रतिदिन होने वाली आरती तथा प्रत्येक माह गणेश चौथ के विशेष पूजन में सहभागी बनकर धर्मलाभ अर्जित करने का आग्रह किया।
संध्या होते ही दीपों की जगमगाहट, घंटा-घड़ियालों की मंगलध्वनि, शंखनाद और भक्तों के जयघोषों से पूरा मंदिर परिसर अलौकिक आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठा। श्रद्धा, विश्वास और भक्ति का यह अनुपम संगम श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय बन गया।
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