सिवनी नगर पालिका में सफाई व्यवस्था ठप, विधायक दिनेश राय मुनमुन ने संभाला मोर्चा
भुगतान को लेकर कर्मचारियों की हड़ताल से मचा हड़कंप, विधायक ने उच्चाधिकारियों से चर्चा कर शीघ्र भुगतान का दिलाया भरोसा; कांग्रेस पार्षद ने कार्यकारी अध्यक्ष पर लगाए हठधर्मिता के आरोप
Seoni 20 August 2026
सिवनी यशो:- नगर पालिका परिषद सिवनी में लंबे समय से चले आ रहे प्रशासनिक एवं वित्तीय विवाद का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था और कर्मचारियों के भुगतान पर दिखाई देने लगा है। गुरुवार को भुगतान को लेकर कर्मचारियों के आक्रोश और हड़ताल के बीच सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन के हस्तक्षेप से स्थिति को संभालने के प्रयास हुए।
विधायक ने कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर उच्चाधिकारियों से चर्चा की और शीघ्र निराकरण का भरोसा दिलाया। इसी बीच नगर पालिका परिषद के कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद एवं पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने मौजूदा स्थिति पर चिंता जताते हुए कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया पर हठधर्मिता के गंभीर आरोप लगाए हैं।
श्रावण माह में सफाई व्यवस्था ठप होना दुर्भाग्यपूर्ण : कांग्रेस पार्षद
कांग्रेस के वरिष्ठ पार्षद एवं पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने कहा कि नगर के सभी सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं और श्रावण जैसे पवित्र माह में नगर की सफाई व्यवस्था का इस तरह प्रभावित होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार कर्मचारियों की हड़ताल के चलते पूरे नगर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और इसका सीधा असर शहरवासियों पर पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को समय पर भुगतान नहीं होने की स्थिति ने समस्या को और गंभीर बना दिया है। नगर की सफाई व्यवस्था नियमित रूप से संचालित होना आवश्यक है, विशेषकर श्रावण माह में जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर पहुंचते हैं।
विधायक दिनेश राय मुनमुन के हस्तक्षेप से बनी समाधान की उम्मीद
नगर पालिका में कर्मचारियों के बढ़ते असंतोष के बीच कुछ कर्मचारी अपनी समस्याएं लेकर सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन के पास पहुंचे थे। विधायक ने कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उच्चाधिकारियों से चर्चा कर समस्याओं के निराकरण का आश्वासन दिया।
विधायक की पहल के बाद गुरुवार शाम कुछ भुगतानों की प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई, जबकि शेष भुगतान शुक्रवार को होने की बात कही गई है। ऐसे में विधायक के हस्तक्षेप से कर्मचारियों को तत्काल राहत मिलने की उम्मीद बनी है।
“हाईकोर्ट के आदेश का पालन हो तो आज ही हो सकता है भुगतान”
कांग्रेस पार्षद ने कहा कि नगर पालिका में उत्पन्न मौजूदा वित्तीय गतिरोध का समाधान कठिन नहीं है। उनका कहना है कि यदि कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए विशाल सिंह मर्सकोले को नगर पालिका में मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार सौंप दें, तो कर्मचारियों का भुगतान तत्काल किया जा सकता है और स्थिति सामान्य हो सकती है।
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि जब न्यायालय के आदेश के बाद विशाल सिंह मर्सकोले के पद को लेकर स्थिति सामने आ चुकी है, तो फिर दिशा डहेरिया को मुख्य नगर पालिका अधिकारी का प्रभार क्यों दिया गया है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
कार्यकारी अध्यक्ष पर लगाए हठधर्मिता के आरोप
कांग्रेस पार्षद ने मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नगर पालिका में उत्पन्न विवाद का खामियाजा अब कर्मचारियों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था के पीछे “अर्थ लोलुपता और हठधर्मिता” है। हालांकि ये आरोप कांग्रेस पार्षद द्वारा लगाए गए हैं और इस संबंध में कार्यकारी अध्यक्ष ज्ञानचंद सनोडिया अथवा प्रभारी सीएमओ दिशा डहेरिया का पक्ष इस समाचार के लिए उपलब्ध नहीं हो सका है।
सीएमओ पद का विवाद बना भुगतान संकट की जड़
नगर पालिका में सीएमओ पद और प्रशासनिक एवं वित्तीय अधिकारों को लेकर विवाद पहले से चला आ रहा है। उपलब्ध पूर्व विवरण के अनुसार हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद विशाल सिंह मर्सकोले के पद पर बने रहने और प्रभारी सीएमओ के रूप में दिशा डहेरिया द्वारा कार्य किए जाने को लेकर अधिकारों पर टकराव की स्थिति बनी हुई है।
इसी विवाद के बीच नगर पालिका के बैंक खातों से होने वाले भुगतानों पर रोक लगाए जाने की स्थिति बनी और इसका असर कर्मचारियों के भुगतान सहित अन्य वित्तीय कार्यों पर पड़ा। उपलब्ध विवरण में कर्मचारियों के भुगतान, ठेकेदारों के लंबित बिल तथा आवश्यक सेवाओं से जुड़े भुगतानों के प्रभावित होने की बात सामने आई है।
विधायक की पहल से तत्काल राहत, स्थायी समाधान की दरकार
गुरुवार को कर्मचारियों के बढ़ते आक्रोश के बीच विधायक दिनेश राय मुनमुन द्वारा उच्चाधिकारियों से चर्चा कर समाधान का भरोसा दिलाना महत्वपूर्ण रहा। इसके बाद स्थिति शांत हुई और कुछ भुगतानों की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी।
हालांकि, कांग्रेस पार्षद का कहना है कि जब तक सीएमओ पद और वित्तीय अधिकारों को लेकर चल रहे मूल विवाद का समाधान नहीं होगा, तब तक नगर पालिका में इस तरह की परिस्थितियां दोबारा पैदा होती रहेंगी।
उन्होंने मांग की कि हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए प्रशासनिक व्यवस्था स्पष्ट की जाए, कर्मचारियों के सभी लंबित भुगतान तत्काल किए जाएं और शहर की सफाई व्यवस्था को बिना किसी बाधा के बहाल किया जाए।
सफाई व्यवस्था बहाल करना अब सबसे बड़ी चुनौती
श्रावण माह में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने का दावा सामने आने के बाद अब नगर पालिका प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती सफाई व्यवस्था को तत्काल पटरी पर लाने की है।
विधायक दिनेश राय मुनमुन के हस्तक्षेप के बाद भुगतान का रास्ता खुलने की उम्मीद बनी है। अब यदि लंबित भुगतान शीघ्र होते हैं और प्रशासनिक विवाद का समाधान निकाला जाता है, तो कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने तथा शहर की सफाई व्यवस्था सामान्य होने की संभावना है।
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