“स्वर्ग कहीं और नहीं, वन सेवा में ही पा लिया” 39 साल बाद गोपाल सिंह ने ली सेवानिवृत्ति
वन विद्यालय लखनादौन में भावभीना विदाई समारोह, विधायक दिनेश राय मुनमुन ने शाल-श्रीफल भेंट कर किया सम्मान
गोपाल सिंह सेवानिवृत्त – 39 साल की वन सेवा के बाद सेवानिवृत्त, जंगल के प्रहरी से बने अपर वन मंडल अधिकारी
Seoni 01 September 2026
सिवनी / लखनादौन यशो:- वर्ष 1987 में जंगल के प्रहरी के रूप में वन सेवा में कदम रखने वाले गोपाल सिंह ने 39 वर्षों की समर्पित एवं सेवाभावी यात्रा पूरी कर 31 अगस्त 2026 को अपर वन मंडल अधिकारी के पद से सेवानिवृत्ति ली। उनकी सेवानिवृत्ति के अवसर पर वन विद्यालय लखनादौन में भावभीना एवं गरिमामय विदाई समारोह आयोजित किया गया।
समारोह में सेवानिवृत्त पीसीसीएफ पी.सी. दुबे मुख्य अतिथि तथा सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। इस दौरान वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी, कदम संस्था के सदस्य एवं विभिन्न वर्गों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विधायक दिनेश राय मुनमुन ने किया सम्मान
विधायक दिनेश राय मुनमुन ने गोपाल सिंह को शाल एवं श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि विदाई समारोह में समाज के हर वर्ग के लोगों की मौजूदगी गोपाल सिंह के प्रति लोगों के प्रेम, आत्मीयता और सम्मान को दर्शाती है।
उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति एक शासकीय प्रक्रिया है, लेकिन जीवन में हमेशा व्यस्त और मस्त रहना ही सबसे बड़ी कला है। गोपाल सिंह ने ग्रामीण एवं आदिवासी समुदायों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में काम किया है। उनकी यह भावना सेवानिवृत्ति के बाद भी जारी रहनी चाहिए। विधायक ने प्रकृति संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान भी किया।
ग्रामीणों की आजीविका और वन अपराध नियंत्रण में अहम भूमिका
मुख्य अतिथि पीसीसीएफ सेवानिवृत्त पी.सी. दुबे ने गोपाल सिंह के सेवाकाल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने संयुक्त वन प्रबंधन के माध्यम से ग्रामीणों की आजीविका को जंगल से जोड़ने तथा वन अपराधों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया।
डीएफओ डॉ. महेंद्र सिंह उइके ने कहा कि शासकीय सेवा सेवानिवृत्ति के साथ समाप्त हो जाती है, लेकिन अनुभव और मार्गदर्शन कभी सेवानिवृत्त नहीं होते। वन विभाग को आगे भी गोपाल सिंह के अनुभव एवं मार्गदर्शन का लाभ मिलता रहेगा।
‘सफर जंगलों से यादों तक’ ने किया भावुक
समारोह का विशेष आकर्षण गोपाल सिंह के 39 वर्षों के वन सेवा कार्यकाल पर आधारित फिल्म ‘सफर जंगलों से यादों तक’ का प्रदर्शन रहा। मुकेश यादव द्वारा निर्मित इस फिल्म में गोपाल सिंह की वन सेवा यात्रा, उनके कार्यों, प्रकृति के प्रति समर्पण और सेवाकाल की महत्वपूर्ण यादों को भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया गया।
फिल्म के प्रदर्शन के दौरान समारोह में मौजूद लोगों ने गोपाल सिंह के सेवाकाल को याद किया और फिल्म की सराहना की।
माल्यार्पण कर दी विदाई
समारोह में वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने गोपाल सिंह का माल्यार्पण कर उन्हें प्रतीक चिन्ह भेंट किए और उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की कामना की।
कार्यक्रम का सफल संचालन वन परिक्षेत्र अधिकारी उत्तम मिश्रा ने किया।
‘जीते-जी वन की सेवा कर स्वर्ग पा लिया’
अपने विदाई उद्बोधन में भावुक होते हुए गोपाल सिंह ने कहा—
“स्वर्ग कहीं और नहीं, मैंने जीते-जी वन की सेवा करके पा लिया है।”
उन्होंने लोगों से प्रकृति, वन्यजीवों और वनस्पतियों के प्रति प्रेम, उदारता एवं सहानुभूति रखने का संदेश दिया।
जंगल के प्रहरी से अपर वन मंडल अधिकारी तक गोपाल सिंह की 39 वर्षों की यात्रा कर्तव्य, समर्पण और प्रकृति संरक्षण की प्रेरणादायी मिसाल बन गई।
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