मध्यान्ह भोजन की राशि और खाद्यान्न में देरी पर महिला समूहों का आक्रोश
महंगाई के बीच भोजन राशि 20 से बढ़ाकर 25 करने की मांग, रसोइया बहनों का मानदेय और सेवा अवधि बढ़ाने की मांग
मध्यान्ह भोजन राशि में देरी पर महिला समूहों का आक्रोश
Seoni 24 September 2026
सिवनी यशो:-प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन उपलब्ध कराने वाले महिला स्व-सहायता समूहों एवं रसोइया बहनों की समस्याएं अब खुलकर सामने आने लगी हैं। प्रांतीय महिला स्व-सहायता समूह महासंघ ने मुख्यमंत्री के नाम पत्र सौंपकर लंबित राशि एवं खाद्यान्न का तत्काल भुगतान करने सहित विभिन्न मांगों के निराकरण की मांग की है।
महासंघ का कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में सीमित राशि में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना लगातार मुश्किल होता जा रहा है। दूसरी ओर भोजन की राशि और खाद्यान्न समय पर नहीं मिलने से महिला स्व-सहायता समूहों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
तीन माह से लंबित राशि और खाद्यान्न तत्काल जारी करने की मांग
महासंघ ने मांग की है कि प्रदेश के सभी जिलों में मध्यान्ह भोजन की राशि और खाद्यान्न एक निश्चित तारीख को एक साथ जारी किया जाए, ताकि समूहों को भोजन व्यवस्था संचालित करने में परेशानी न हो। पत्र में तीन माह से लंबित राशि एवं खाद्यान्न तत्काल उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
समूहों का कहना है कि उन्हें विद्यालय में दर्ज एवं वास्तविक रूप से उपस्थित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर निर्धारित राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। साथ ही भोजन के मेनू चार्ट के साथ प्रति विद्यार्थी निर्धारित राशि भी स्पष्ट रूप से अंकित की जाए, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।
20 से बढ़ाकर 25 हो भोजन राशि
महासंघ ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते हुए प्रति विद्यार्थी भोजन राशि 20 रुपये से बढ़ाकर 25 रुपये किए जाने की मांग प्रमुखता से रखी है। महासंघ का कहना है कि वर्तमान परिस्थितियों में खाद्य सामग्री, ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के बीच निर्धारित राशि में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
60 नहीं, 65 वर्ष तक सेवा की मांग
महासंघ ने रसोइया बहनों की सेवा अवधि बढ़ाने की मांग भी की है। पत्र में कहा गया है कि 60 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर रसोइया बहनों को सेवा से अलग करने के बजाय उनकी सेवा अवधि 65 वर्ष तक की जाए।
इसके साथ ही सेवानिवृत्ति के बाद रसोइया बहनों को पेंशन अथवा सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने तथा पूर्व में सेवा से हटाई गई रसोइया बहनों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की मांग की गई है।
जर्जर किचन शेड और मूलभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया
महासंघ ने विद्यालयों में जर्जर किचन शेड का निर्माण एवं मरम्मत कराने, खाद्यान्न के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था करने, स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने तथा नियमित रूप से रसोई गैस की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
महासंघ ने कहा है कि राशि एवं खाद्यान्न वितरण व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जाए तथा भुगतान में होने वाली अनावश्यक देरी पर रोक लगाई जाए।
मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी
महासंघ ने शासन को चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निराकरण नहीं किया गया तो महिला स्व-सहायता समूह एवं रसोइया बहनें अपने अधिकारों और मांगों को लेकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से आंदोलन करने के लिए विवश होंगी। महासंघ ने शासन से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर आवश्यक आदेश जारी करने की अपेक्षा जताई है।
„हड़ताल कर रहीं बहनों को धमकाया तो होगी कार्रवाई“
जनपद पंचायत घंसौर के उपाध्यक्ष राजेंद्र नामदेव ने कहा कि हड़ताल पर गई महिला स्व-सहायता समूहों एवं रसोइया बहनों को यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी द्वारा धमकाया गया अथवा जबरन मध्यान्ह भोजन बनाने के लिए दबाव बनाया गया तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करवाने का प्रयास किया जाएगा।
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