छिंदवाड़ामध्यप्रदेश

दैनिक वेतनभोगियों की पुरानी सेवा को पेंशन में जोड़ने पर हाई कोर्ट का अहम फैसला

नियमितीकरण से पहले की सेवा को अर्हक सेवा मानने का आदेश, शिवदयाल प्रकरण में आया महत्वपूर्ण निर्णय

दैनिक वेतनभोगियों की पुरानी सेवा पेंशन में शामिल, हाई कोर्ट का अहम फैसला

Chhindwara 24 September 2026
छिंदवाड़ा / सौंसर यशो:-
 मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी की पेंशन संबंधी याचिका पर महत्वपूर्ण आदेश पारित करते हुए नियमितीकरण से पूर्व की गई सेवा की अवधि को पेंशन लाभ के लिए अर्हक सेवा के रूप में गणना किए जाने का रास्ता साफ किया है। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिन्होंने नियमित नियुक्ति से पहले लंबे समय तक दैनिक वेतनभोगी के रूप में विभागों में सेवाएं दी हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह मामला शिवदयाल से संबंधित है। मामले में अधिवक्ता प्रवीण वर्मा द्वारा की गई पैरवी के दौरान न्यायालय के समक्ष यह पक्ष रखा गया कि कर्मचारी ने नियमित होने से पहले भी लंबे समय तक विभाग में सेवा दी थी और उस अवधि को पेंशन निर्धारण में शामिल नहीं किया जा रहा था।

नियमितीकरण से पहले की सेवा पर अहम व्यवस्था

मामले में न्यायालय के समक्ष मुख्य प्रश्न यह था कि नियमितीकरण से पहले दैनिक वेतनभोगी के रूप में की गई सेवा को संबंधित पेंशन नियमों के तहत अर्हक सेवा माना जा सकता है या नहीं। न्यायालय ने प्रकरण में लागू नियमों और परिस्थितियों के आधार पर पूर्व सेवा की गणना का निर्देश दिया।

इससे संबंधित कर्मचारियों की कुल अर्हक सेवा अवधि बढ़ सकती है, जिसका प्रभाव पेंशन एवं अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की गणना पर पड़ सकता है। हालांकि, इस आदेश का वास्तविक लाभ संबंधित कर्मचारी की नियुक्ति की प्रकृति, लागू पेंशन नियमों और उसके सेवा रिकॉर्ड पर निर्भर करेगा।

लंबे समय तक दैनिक वेतन पर काम करने वालों के लिए महत्वपूर्ण

प्रदेश के विभिन्न विभागों में ऐसे अनेक कर्मचारी रहे हैं, जिन्होंने नियमितीकरण से पहले कई वर्षों तक दैनिक वेतनभोगी के रूप में सेवाएं दीं। ऐसे मामलों में नियमितीकरण की तारीख से ही सेवा की गणना किए जाने पर उनकी अर्हक सेवा अवधि कम रह जाती है।

न्यायालय के इस आदेश से संबंधित परिस्थितियों में ऐसे कर्मचारियों को अपनी पूर्व सेवा को पेंशन निर्धारण में शामिल कराने के लिए कानूनी आधार मिल सकता है। हालांकि प्रत्येक कर्मचारी का मामला उसके सेवा रिकॉर्ड और उस पर लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग तय होगा।

पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ पर पड़ सकता है प्रभाव

यदि पूर्व सेवा को अर्हक सेवा के रूप में स्वीकार किया जाता है तो कर्मचारी की कुल पेंशन योग्य सेवा अवधि में वृद्धि हो सकती है। इसके परिणामस्वरूप मामले के तथ्यों और लागू नियमों के अनुसार पेंशन तथा अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के पुनर्निर्धारण का प्रश्न उठ सकता है।

यह आदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि मध्य प्रदेश में दैनिक वेतनभोगियों की पूर्व सेवा की पेंशन गणना को लेकर अलग-अलग मामलों में न्यायालयों के समक्ष विभिन्न कानूनी प्रश्न उठते रहे हैं। इसलिए इस आदेश को समझने के लिए मामले में लागू पेंशन नियम और न्यायालय द्वारा दर्ज की गई विशेष परिस्थितियां महत्वपूर्ण रहेंगी।

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