छिंदवाड़ामध्यप्रदेश

अवैध कॉलोनी पर प्रशासन की चुप्पी पर सवाल: महेश माधवानी पर गंभीर आरोप, पटवारी की भूमिका भी जांच के घेरे में

गुरैया रोड से खजरी तक अवैध प्लॉटिंग के आरोप, 80 लाख के बेशकीमती प्लॉट की पटवारी के नाम रजिस्ट्री का दावा; बैंक कर्मचारी द्वारा परिवार के नाम करीब 20 हजार वर्गफुट जमीन खरीदने का भी मामला

छिंदवाड़ा में अवैध कॉलोनी पर सवाल, पटवारी की भूमिका भी जांच के घेरे में

Chhindwara 23 September 2026
छिंदवाड़ा यशो:-
 शहर और आसपास के क्षेत्रों में कथित अवैध कॉलोनियों और नियम विरुद्ध प्लॉटिंग का मामला एक बार फिर चर्चा में है। आरोप है कि भूमि कारोबारी महेश माधवानी द्वारा गुरैया रोड और खजरी क्षेत्र में स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण एवं प्लॉटिंग कर जमीन बेची जा रही है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों और निरीक्षण के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से सवाल खड़े हो रहे हैं।

छिंदवाड़ा खजरी में कथित अवैध कॉलोनी और प्लॉटिंग
खजरी क्षेत्र में कथित अवैध प्लॉटिंग को लेकर उठे सवाल।

गुरैया रोड मामले में आरोप है कि स्वीकृत नक्शे के विपरीत रास्ते में निर्माण किया गया। मौके के निरीक्षण के लिए अधिकारियों द्वारा गठित पटवारियों की टीम ने भी कथित तौर पर मौके की स्थिति को स्वीकृत नक्शे के अनुरूप नहीं पाया। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

खजरी में 6 एकड़ जमीन पर प्लॉटिंग का आरोप

शिकायत में दावा किया गया है कि खजरी हल्के में करीब 6 एकड़ क्षेत्र में अवैध कॉलोनी काटकर छोटे-छोटे भूखंड बेचे गए। आरोप तो यह भी है कि सड़क और नाली के लिए निर्धारित जमीन को भी प्लॉट के रूप में बेचे जाने की शिकायत सामने आई है।

बताया गया है कि खजरी हल्के के खसरा नंबर 317/1/1/2/1/1/1/1 में छोटे-छोटे भूखंडों की बिक्री की गई। इसी क्रम में परासिया निवासी मुकेश सराठे के नाम करीब आधा एकड़ जमीन की रजिस्ट्री होने और उसके बाद वहां भी छोटे भूखंडों की बिक्री किए जाने का दावा किया गया है।

80 लाख के प्लॉट की पटवारी के नाम रजिस्ट्री का आरोप

मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि शिकायतकर्ताओं ने छिंदवाड़ा हल्के की वर्तमान पटवारी पर इसी कथित कॉलोनी में कार्रवाई नहीं होने के एवज में लाभ लेने और करीब 4 हजार वर्गफुट के बेशकीमती प्लॉट की रजिस्ट्री अपने नाम करवाने का आरोप लगाया है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उक्त जमीन में पटवारी की कथित हिस्सेदारी है। यदि यह आरोप सही है तो यह सीधे तौर पर हितों के टकराव और राजस्व अमले की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

दूसरी कॉलोनियों की रिपोर्ट, इस मामले में चुप्पी क्यों?

शिकायतकर्ताओं का सवाल है कि यदि संबंधित पटवारी शहर में अन्य कथित अवैध कॉलोनियों की रिपोर्ट शासन को भेजती हैं, तो खजरी क्षेत्र में चल रही कथित प्लॉटिंग की रिपोर्ट शासन को क्यों नहीं दी गई?

साथ ही यह भी जांच की मांग की गई है कि सरकारी सेवा में रहते हुए इतनी बेशकीमती जमीन खरीदने के लिए धन का स्रोत क्या था और क्या प्लॉट खरीदने की जानकारी विभाग को नियमानुसार दी गई थी?

नगर निगम का नोटिस, फिर भी प्लॉटिंग जारी रहने का आरोप

बताया गया है कि नगर निगम आयुक्त द्वारा महेश माधवानी को पूर्व में नोटिस भी जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद जमीन पर विकास कार्य जारी रहने का आरोप है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि नोटिस जारी हो चुका है तो उसके बाद भी कथित रूप से सड़क, नाली और अन्य विकास कार्य कैसे जारी हैं, इसकी जांच होना चाहिए।

बैंक ऑफ बड़ौदा के कर्मचारी की जमीन खरीद भी जांच के घेरे में

इसी क्षेत्र की जमीन खरीद से जुड़ा एक अन्य मामला भी सामने आया है। शिकायत में दावा किया गया है कि बैंक ऑफ बड़ौदा के एक कर्मचारी ने अपने और परिवार के सदस्यों के नाम करीब 20 हजार वर्गफुट जमीन की रजिस्ट्री कराई है।

इस मामले में शिकायतकर्ताओं ने बैंक अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए करीब एक करोड़ रुपये के कथित ऋण और जमीन खरीद के पूरे लेन-देन की जांच की मांग की है।

प्रशासन की भूमिका पर बड़ा सवाल

पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि संबंधित जमीन पर अवैध कॉलोनी या नियम विरुद्ध प्लॉटिंग की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो राजस्व, नगर निगम और अन्य संबंधित विभागों द्वारा अब तक क्या कार्रवाई की गई?

मामले में जमीन के खसरा रिकॉर्ड, स्वीकृत कॉलोनी नक्शा, रजिस्ट्री दस्तावेज, नगर निगम के नोटिस, पटवारी की रिपोर्ट, जमीन के उपयोग और कथित बैंक ऋण की स्वतंत्र जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

यह भी पढ़े :-

कलेक्टर ने किया सम्मान, जतिन बंदेवार ने फतह की 16,460 फीट ऊंची ग्लेशियर चोटी

छपारा में 24 सितंबर को होगा ‘हनुमान अंश’ फिल्म का विशेष प्रदर्शन

केवलारी में ब्लॉक स्तरीय जनसुनवाई: 14 आवेदनों पर अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश

नाला गहरीकरण से लेकर जमीन सीमांकन तक, जनसुनवाई में पहुंचे 142 आवेदक

https://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/aligarh/yeida-bulldozer-run-illegal-colonies-in-aligarh-tappal/articleshow/132326404.cms

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button
error: Content is protected !!