316 मनोकामना ज्योति कलशों से दिव्य हुआ सिद्धपीठ ज्वाला देवी का दरबार, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच नवरात्र महोत्सव का भव्य शुभारंभ
देश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माँ भगवती के चरणों में अर्पित की आस्था; सप्तमातृका पूजन और विधि-विधान से संपन्न हुए धार्मिक अनुष्ठान
316 मनोकामना ज्योतियों से जगमगाया सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर
Seoni, 12 October 2026
सिवनी यशो:- शक्ति आराधना के महापर्व शारदीय नवरात्रि की पावन प्रतिपदा पर भैरोगंज, परतापुर रोड स्थित श्री सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर का दिव्य परिसर माँ भगवती की भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हो उठा। माँ ज्वाला देवी की असीम कृपा एवं दिव्य सान्निध्य में नवरात्र महोत्सव का विधिवत एवं मंगलमय शुभारंभ हुआ।
नवरात्रि के प्रथम दिवस देश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने अपनी मनोकामनाओं, संकल्पों और अटूट श्रद्धा को माँ भगवती के चरणों में समर्पित करते हुए कुल 316 मनोकामना ज्योति कलशों की स्थापना की। ज्योति कलशों के प्रज्वलित होते ही सिद्धपीठ का संपूर्ण वातावरण मानो माँ आदिशक्ति की आराधना में निमग्न हो गया।
नई दिल्ली, मणिपुर, मुंबई, पुणे, नागपुर, इंदौर, भोपाल, बैतूल, नर्मदापुरम, नेपानगर (बुरहानपुर), जबलपुर, सागर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा एवं सिवनी सहित अनेक स्थानों से श्रद्धालु माँ के दरबार में पहुंचे। भक्तों ने विधि-विधानपूर्वक ज्योति कलश स्थापित कर जगत जननी माँ भगवती से अपने परिवार एवं समस्त समाज के मंगल, सुख, शांति, समृद्धि और आरोग्य की प्रार्थना की।
वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा माँ भगवती का दरबार
नवरात्रि के शुभारंभ अवसर पर मंदिर परिसर में बैठकी पूजन, सप्तमातृका पूजन एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धा और सनातन वैदिक परंपराओं के अनुरूप संपन्न हुए। मंत्रोच्चार, पूजन-अर्चन और माँ भगवती के जयकारों से संपूर्ण मंदिर परिसर भक्तिरस में सराबोर दिखाई दिया।
“जय माता दी”, “जय माँ ज्वाला देवी” के जयघोष से वातावरण गुंजायमान होता रहा। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो स्वयं माँ आदिशक्ति अपने भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करने के लिए दिव्य दरबार में विराजमान हों।
316 ज्योतियों में दिखाई दी श्रद्धा और संकल्प की आभा
माँ के दरबार में एक साथ प्रज्वलित हुईं 316 मनोकामना ज्योतियां केवल दीपशिखाएं नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के विश्वास, संकल्प और माँ भगवती के प्रति समर्पण की पावन अभिव्यक्ति बन गईं।
सनातन परंपरा में ज्योति को ज्ञान, शक्ति, सकारात्मक ऊर्जा और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक माना गया है। सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में प्रज्वलित प्रत्येक ज्योति के साथ भक्तों की मनोकामना और माँ के प्रति उनकी अटूट आस्था जुड़ी रही। सैकड़ों ज्योतियों की दिव्य आभा से मंदिर परिसर का कण-कण भक्तिमय और प्रकाशमय हो उठा।
माँ के चरणों में समर्पित हुआ भक्तों का विश्वास
नवरात्रि का प्रथम दिवस सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर में श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम लेकर आया। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने माँ के श्रीचरणों में शीश नवाकर अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं तथा जगत जननी, माँ आदिशक्ति, माँ ज्वाला देवी से समस्त मानव समाज के कल्याण की कामना की।
भक्तों की आस्था है कि माँ के दरबार में सच्चे हृदय से प्रज्वलित की गई मनोकामना ज्योति भक्त के जीवन में आशा, विश्वास और मंगल का प्रकाश लेकर आती है। इसी अटूट विश्वास के साथ श्रद्धालुओं ने नवरात्रि के प्रथम दिवस माँ भगवती का पूजन-अर्चन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
माँ ज्वाला देवी से प्रार्थना है कि उनकी दिव्य कृपा सभी भक्तों पर सदैव बनी रहे। माँ के आशीर्वाद से प्रत्येक घर में सुख-शांति, समृद्धि, आरोग्य और मंगल का दीप प्रज्वलित हो तथा सभी श्रद्धालुओं की सात्विक मनोकामनाएं पूर्ण हों।
जय जगदम्बे! जय भवानी! जय माँ ज्वाला देवी!
श्री सिद्धपीठ ज्वाला देवी मंदिर
परतापुर रोड, भैरोगंज, सिवनी (मध्यप्रदेश)
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