स्कूलों के खेल मैदानों पर अतिक्रमण की शिकायत, कलेक्टर नेहा मीना ने दिए हटाने के निर्देश
बालपुर जनविश्वास शिविर में ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, बिजली और राजस्व संबंधी समस्याएं उठाईं; स्वरोजगार से आत्मनिर्भर बन रहे हितग्राहियों ने साझा किए अनुभव, स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को मिले सीसीएल चेक
बालपुर में जनविश्वास शिविर, कलेक्टर नेहा मीना ने सुनीं समस्याएं
Seoni, 16 October 2026
सिवनी यशो:- घंसौर विकासखंड के ग्राम बालपुर में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं के साथ स्कूलों के खेल मैदानों पर अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्रीमती नेहा मीना ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) घंसौर को संबंधित प्रकरणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने और स्कूलों के खेल मैदानों की भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश दिए। शिविर में सड़क, पेयजल, विद्युत, राजस्व, आवास और राशन सहित विभिन्न विषयों से संबंधित समस्याएं एवं मांगें भी रखी गईं।

खेल मैदानों को अतिक्रमणमुक्त कराने के निर्देश
जनविश्वास शिविर में कलेक्टर नेहा मीना ने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों से विभिन्न प्रकरणों की जानकारी प्राप्त की। स्कूलों के खेल मैदानों पर अतिक्रमण से संबंधित शिकायतें सामने आने पर उन्होंने राजस्व अधिकारियों को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बालपुर में जनविश्वास शिविर कलेक्टर ने कहा कि ग्रामीणों से प्राप्त प्रत्येक आवेदन और शिकायत का प्राथमिकता से परीक्षण किया जाए। पात्र प्रकरणों में निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के निराकरण के लिए अनावश्यक परेशान न होना पड़े।

उन्होंने अधिकारियों को शासकीय योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने तथा लंबित प्रकरणों का गंभीरता से निराकरण करने के निर्देश भी दिए। साथ ही ग्रामीणों को विभिन्न योजनाओं की पात्रता, उपलब्ध सुविधाओं और लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी देने पर जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में ग्रामीणों से संवाद
शिविर में डीएफओ महेंद्र सिंह उइके, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती अंजली शाह और अनुविभागीय अधिकारी राजस्व घंसौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा उठाए गए विषयों की जानकारी लेकर विभागीय योजनाओं, पात्रता और उपलब्ध सुविधाओं के संबंध में जानकारी दी।

कार्यक्रम में जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता उइके, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष राजेंद्र नामदेव, जनपद सदस्य श्रीमती सुमन पटेल एवं चंद्रशेखर चतुर्वेदी, मनीराम काकोड़िया सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
शासकीय योजनाओं से स्वरोजगार की राह पर बढ़ रहे हितग्राही
बालपुर में जनविश्वास शिविर में आयोजित उद्यम संवाद में विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर स्वरोजगार एवं आर्थिक गतिविधियां संचालित कर रहे हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा किए। उनके अनुभवों के माध्यम से ग्रामीणों को व्यवसाय शुरू करने और आजीविका मजबूत बनाने के लिए उपलब्ध योजनाओं की जानकारी मिली।
मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना के हितग्राही अरविंद कुमार यादव ने योजना के माध्यम से मारुति ईको वाहन प्राप्त कर उसे किराये पर संचालित करने की जानकारी दी। भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के हितग्राही संदीप कुमार उइके ने कम्प्यूटर सेंटर तथा सुरेश कुमार अहिरवार ने किराना दुकान के संचालन से जुड़े अनुभव साझा किए।

प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) का लाभ लेकर मिल्क प्रोसेसिंग उद्योग संचालित कर रहे श्री राजेश कुमार पटेल ने उद्योग की स्थापना एवं संचालन के अनुभव बताए।
वहीं, आचार्य विद्यासागर योजना के हितग्राही सुकल सिंह एवं दीपंजय शर्मा ने पशुपालन के माध्यम से संचालित आर्थिक गतिविधियों तथा योजना से मिले सहयोग की जानकारी दी। आजीविका मिशन से जुड़ी श्रीमती मालती ग्रियाम एवं श्रीमती ब्रजवती सरौते ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित गतिविधियों और आजीविका संवर्धन के अनुभव साझा किए।
स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को सीसीएल राशि के चेक वितरित
बालपुर में जनविश्वास शिविर में आजीविका मिशन से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) राशि के चेक वितरित किए गए। इससे समूहों को कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराने, अपनी गतिविधियों का विस्तार करने और आजीविका आधारित आर्थिक कार्यों को मजबूत बनाने में सहयोग मिलेगा।

चेक प्राप्त करने वाली महिलाओं ने स्व-सहायता समूहों के माध्यम से संचालित गतिविधियों और आर्थिक रूप से आगे बढ़ने के अपने अनुभव भी साझा किए।
उद्यम संवाद और चेक वितरण के माध्यम से शिविर में स्वरोजगार, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, व्यवसाय तथा समूह आधारित आजीविका गतिविधियों के अवसरों को सामने लाया गया। जनविश्वास शिविर ने एक ओर ग्रामीणों को अपनी समस्याएं प्रशासन के समक्ष रखने का मंच दिया, वहीं दूसरी ओर विभिन्न योजनाओं के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़ रहे हितग्राहियों के अनुभव साझा करने का अवसर भी उपलब्ध कराया।
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