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अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा दिखी भाजपा में

अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा दिखी भाजपा में - Seoni News

सिवनी यशो:- मध्यप्रदेश विधानसभा के संपन्न चुनाव के बाद बुरी तरह प्रदेश में हारने वाली कांग्रेस हार के कारणों को खोज रही है तो    वहीं विधानसभा चुनाव में हारने वाले और जीतने वाले प्रत्याशी भी भीतरघातियों की शिकायते कर रहे है । कांग्रेस में भीतरघातियों से केवल कांग्रेस ही परेशान नहीं रही इस बार के चुनाव में अनुशासन के लिये पहचानी जाने वाली भाजपा में भी अनुशासनहीनता बड़े स्तर पर दिखाई दी कांग्रेस पार्टी में भीतरघात की बीमारी कोई नई नहीं है और यहाँ पर यह सब सामान्य बात है परंतु भाजपा में जिस तरह से खुलकर अनुशासन हीनता इस विधानसभा चुनाव में दिखाई दी वह भाजपा के लिये चिंता का विषय है । विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों ने इस आशय की शिकायत भी पार्टी संगठन से की है । समझा जा रहा है पार्टी विरोधी गतिविधियों में संलग्र रहने वाले पार्टी के कार्यकत्र्ताओं के विरोध में भाजपा बड़ी कार्यवाही शीघ्र सुनिश्चित कर सकता है । जानकारी के अनुसार सिवनी जिले की चारो विधानसभाओं के प्रत्याशियों ने विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी काम कर पार्टी को कमजोर करने वालों की शिकायते जिला संगठन और प्रदेश नेतृत्व से की है । चल रही चर्चाओं के अनुसार पार्टी विरोधी गतिविधियों में अनेक बहुत जिम्मेदार व्यक्तियों के नाम भी शामिल है ।

अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा दिखी भाजपा में - Seoni News
जानकारी के अनुसार भारतीय जनता पार्टी का प्रदेश नेतृत्व इस बात से बुरी तरह चिंतित है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को जिला मुख्यालय से उकसाया जाता रहा । पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के विरोध में सिवनी जिला मुख्यालय में चुनाव के दौरान अनेक समझाईशों के बावजूद विराम नहीं लगा और इस का बहुत बुरा प्रभाव जिले की अन्य विधानसभाओं में विरोधियों को प्रोत्साहित करने में सहायक रहा है, सिवनी विधानसभा में परिणाम भले ही अनुकूल आ गये हो परंतु इस प्रकार की गतिविधियों से जिले की दो विधानसभाओं में भाजपा को बुरी तरह हार का सामना करना पड़़ा । चल रही चर्चाओं के अनुसार पार्टी विरोधी गतिविधियों में अनेक वरिष्ठ नेताओं के साथ भाजपा जिला संगठन के पदाधिकारियों के नाम भी शामिल होने से भाजपा नेतृत्व की चिंता अधिक बढ़ गयी है ।

अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा दिखी भाजपा में - Seoni News
यहाँ बता दें कि भारतीय जनता पार्टी के सूत्र इस बात का दावा कर रहे है कि सिवनी जिले की चारों विधानसभाओं में भाजपा ने जितनी अधिक मेहनत की थी उसके अनुसार किसी भी विधानसभा में 51 प्रतिशत मतो से कम प्राप्त नहीं होना था और चुनाव के दौरान भाजपा के अलावा अन्य अनुसांगिक संगठनों के द्वारा जी तोड़ मेहनत की गयी थी इसके साथ ही भाजपा महिला मोर्चा सहित अन्य मोर्चो के द्वारा प्रदेश स्तर से चुनाव में जीत के लिये पृथक से कार्यक्रम बनकर आये थे । महिला मोर्चे के कार्यो की चुनाव के दौरान हर दिन प्रदेश स्तर से समीक्षा हो रही थी उसके बाद भी दो विधानसभा में भाजपा की हार के साथ ही जीती हुई दोनो विधानसभाओं में वोटों की संख्या भाजपा की अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने से भाजपा के प्रदेश संगठन को हैरानी है ।
यहाँ बता दें कि भाजपा को केवलारी विधानसभा में मिली हार के साथ बहुत बड़ा अंतर बुरी तरह परेशान किये हुये है, जबकि इस विधानसभा में भाजपा को जीत की पूरी संभावना थी । जानकारी के अनुसार भाजपा प्रदेश नेतृत्व को हर स्तर से यहाँ जीत की गारंटी प्राप्त हो रही थी । 2018 के चुनाव में यहाँ से भाजपा के प्रत्याशी राकेश पाल सिंह को 85839 मत प्राप्त हुये थे जो कुल मतों का 43 प्रतिशत था परंतु 2023 के चुनाव के लिये भाजपा ने संगठनात्मक ताकत बढ़ाने के लिये बूथ स्तर तक कसावट की उसके पश्चात कुल मतों का भाजपा को केवल 38.58 प्रतिशत 89054 मत प्राप्त हुये और कांग्रेस को 53 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त होना भाजपा को हैरान किये हुये है । सूत्र बताते है कि भाजपा प्रदेश नेतृत्व इस हार के आवश्यक कारणों का बारीकी से अध्ययन कर रहा है ।
केवलारी विधानसभा में भाजपा की हार के लिये प्रमुख कारण जो व्यापक चर्चा में है वह भाजपा की अनुशासनहीनता है और जिम्मेदार पदाधिकारियों ने भाजपा का खुला विरोध करते हुये कांग्रेस के प्रत्याशी से सांठगाँठ और कई समझौते होने की जानकारी चर्चाओं में है । चल रही चर्चाओं के अनुसार भाजपा के व्यक्तियों ने कांग्रेस के साथ मिलकर भाजपा प्रत्याशी को हराने का षडयंत्र किया और चुनाव के दौरान अनेक स्थानों पर प्रायोजित विरोध कराकर चुनाव में वातावरण बिगाडऩे का काम किया पूरे चुनाव के दौरान भाजपा प्रत्याशी राकेश पाल सिंह इस बिगड़ी हुई स्थिती को संभाल नहीं पाये और पूरे चुनाव के दौरान अकेले चुनाव लड़ते नजर आये ।
अनुशासन के लिये पहचानी जाने वाली भाजपा के अंदर इस तरह की अनुशासनहीनता वह जिम्मेदार करते हुये नजर आ रहे थे जो पार्टी को अपनी माँ कहते हुये नहीं थकते और इस प्रकार की निष्ठा दिखाने वालों ने अपनी मां के साथ जिस तरह से गद्दारी की है वह समूची भाजपा को शर्मसार करने के लिये काफी है । बताते है कि जो इस प्रकार से भाजपा के अनुशासन को तार तार कर रहे थे उन्हें इस बात का संबल था कि निजाम भी हमारा है मर्जी भी हमारी है हमारा कौन क्या कर लेगा सरकार हमारी है और उनका यह संबल केवलारी और लखनादौन में भाजपा को हराने में सफल साबित हुआ ।
भाजपा के वे कार्यकत्र्ता जिन्होंने पूरी ताकत के साथ काम किया है वे पार्टी के विरोध में काम करने वालों पर कार्यवाही की मांग कर रहे है जो सोशल मीडिया में दिख रहा है ।

Dainikyashonnati

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