मनोरंजनसिवनी

मिर्जा असादुल्लाह खान ग़ालिब के 227 वें जन्मदिवस पर बज़्में ग़ालिब का आयोजन

नेता जी सुभाष चंद्र बोस शासकीय कन्या महाविद्यालय सिवनी में

Seoni 27 December 24
सिवनी यशो:- 27 दिसंबर को उर्दू के महान कवि मिर्जा असादुल्लाह खान ग़ालिब के 227 वें जन्मदिवस पर कार्यक्रम का आयोजन ,बज़्में ग़ालिब
संस्था संरक्षक प्राचार्य प्रो डॉ अमिता पटेल के संरक्षण व संस्था मार्गदर्शक / प्रसाशनिक अधिकारी प्रो. पी. एल सनोडिया के मार्गदर्शन में किया गया।
महाविद्यालय की छात्राओं ने काव्य पाठ में अपनी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं जिसमें नादिया कौसर ने गालिब के शेर पढ़े
मंजि़ल से आगे बढ़कर मंजि़ल तलाश कर
मिल जाए तुझको दरिया तो वह समंदर तलाश कर
अक्सा कुरैशी ने शेर पढ़ा कि
रेशम की तरह नरम होती हैं बेटियां
औरों का दर्द देखकर रोती हैं बेटियां
शाहिदा बेगम ने
गज़ल : “कमाल ये है”पढ़ी-
खज़ा की रुत मे गुलाब लेहजा बना के रखना कमाल ये है”
“हवा की जि़द मै दिया जलाना
जला के रखना कमाल ये है “
महाविद्यालय के प्राध्यापक डॉ. ओमप्रकाश सरवैया ने गालिब की जन्म जयंती पर अपनी गज़़ल कुछ इस अंदाज में प्रस्तुत की कि-
पलक झपकते हर हसीन मंजऱ निकल गया,
मानो ज़मीं के हाथ से अम्बर निकल गया।
जो कभी जीत गया सारी कायनात को,
विश्व विजेता खाली हाथ सिकन्दर निकल गया।
कुछ उम्मीदें थीं कुछ सपने थे बाकी यारों,
जनवरी का सोचे थे *दिसंबर* निकल गया।
जि़ंदगी की इस भागमभाग में दोस्तों,
बेशकीमती उम्र का एक नम्बर निकल गया।
कुछ सम्भले कुछ सम्भालकर रक्खे ओम,
कई खट्टी-मीठी यादों में साल भर निकल गया।
प्रो आयशा सिद्दीकी ने गालिब के अशआर को कुछ इस तरह बयान किया
पूछते हैं वो कि ‘ग़ालिब’ कौन है
कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या।।
ना सुनो गर बुरा कहे कोई ना कहो गर बुरा करे कोई रोक लो गर गलत करे कोई बख्श दो गर खता करे कोई।।
हजारों ख्वाहिश है ऐसी के हर ख्वाहिश पे दम निकले बहुत निकले मेरे अरमान मगर फिर भी कम निकले।।
इस अवसर पर डॉ अर्चना चंदेल , प्रो कल्पना इंगले , डॉ हेमराज नागवंशी विशेष वक्ता हिंदी , प्रो मोहम्मद राशिद खान विशेष वक्ता उर्दू , प्रो पंकज शेंडे, प्रो लक्ष्मी मेश्राम, डॉ अनीता भट्ट, प्रो समिता शर्मा, प्रो अर्पणा अवस्थी, प्रो आयशा सिद्दीकी , प्रो अनीता कुल्हाड़े, प्रो प्रियंका चौरसिया, प्रो विवेक पालीवाल एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं, प्रोग्राम का आगाज़ एवं मंच संचालन प्रो आयशा सिद्दीकी एवं छात्रा नादिया कौसर ने किया। कार्यक्रम का समापन एवं आभार प्रदर्शन डॉ हेमराज नागवंशी ने किया

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button