क्राइममध्यप्रदेशसिवनी

नकली डीएपी और अवैध उर्वरक कारोबार का बड़ा खुलासा, 150 बैग जब्त, एफआईआर दर्ज

बिना लाइसेंस चल रहा था उर्वरक का खेल, कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मचा हड़कंप

नकली डीएपी उर्वरक मामला – घंसौर में 150 बैग संदिग्ध डीएपी उर्वरक जब्त, अवैध भंडारण पर एफआईआर दर्ज

Seoni, 10 June 2026
सिवनी यशो:- जिले में नकली डीएपी एवं बिना लाइसेंस उर्वरक कारोबार करने वालों के विरुद्ध हुई बड़ी कार्रवाई से जहां खाद कारोबारियों में हड़कंप मच गया है, वहीं किसानों में भी यह चिंता बढ़ गई है कि वे जिस खाद का उपयोग अपनी फसलों में कर रहे हैं वह असली है या नकली। कृषि सीजन के बीच नकली खाद माफियाओं की सक्रियता ने किसानों की मेहनत और फसल दोनों पर खतरा खड़ा कर दिया है।

घंसौर में अवैध रूप से भंडारित डीएपी उर्वरक जब्त करते कृषि विभाग के अधिकारी
घंसौर में कृषि विभाग द्वारा जब्त किए गए डीएपी उर्वरक के बैग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है

इसी बीच घंसौर क्षेत्र के ग्राम बाम्हनवाड़ा में 150 बैग संदिग्ध डीएपी उर्वरक पकड़े जाने के बाद कृषि विभाग और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है प्राथमिक जांच में उर्वरक के नकली होने की आशंका भी जताई गई है, जिससे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

यह भी पढ़े :- भारी बारिश के बीच किसान न्याय यात्रा में कांग्रेस ने भरी हुंकार

गोपनीय सूचना के बाद शुरू हुई कार्रवाई

जानकारी के अनुसार कृषि विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि ग्राम बाम्हनवाड़ा में चोरी-छिपे डीएपी उर्वरक का भंडारण कर किसानों को बेचने की तैयारी की जा रही है। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी घंसौर श्रीमती रश्मि राजनेगी के निर्देशन में जांच टीम गठित की गई।

यह भी पढ़े :- सोयाबीन फसल पंजीयन एवं खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश

मकान में मिला 150 बैग डीएपी का जखीरा

सहायक संचालक पवन कुमार कौरव, जिला परामर्शदाता मुकेश मीणा एवं कृषि विस्तार अधिकारी  कुलदीप सिंह जब जांच के लिए ग्राम बाम्हनवाड़ा पहुंचे तो शिवकुमार मसराम के मकान में चम्बल फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड की मुद्रित बोरियों में भरे 150 बैग डीएपी उर्वरक भंडारित पाए गए। प्रत्येक बैग 50 किलो का बताया गया है।

यह भी पढ़े :- सिवनी जिले में चंबल फर्टिलाइजर्स की रैक से पहुँचा 850 मीट्रिक टन यूरिया

“यह उर्वरक अशोक गोल्हानी का है”

मौके पर मौजूद अन्नीलाल मसराम से पूछताछ में जानकारी मिली कि उक्त मकान ग्राम कहानी निवासी अशोक कुमार गोल्हानी द्वारा किराये पर लिया गया था और वहीं उर्वरक का भंडारण कराया गया था। अधिकारियों ने तत्काल अशोक गोल्हानी को मौके पर बुलाकर उर्वरक भंडारण एवं विक्रय से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा।

न लाइसेंस, न बिल… बढ़ी नकली उर्वरक की आशंका

जांच के दौरान अशोक गोल्हानी द्वारा कोई वैध लाइसेंस, बिल अथवा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जा सके। दस्तावेजों के अभाव में विभाग ने पूरे भंडारण को अवैध मानते हुए प्राथमिक स्तर पर उर्वरक के नकली होने की आशंका व्यक्त की। इसके बाद अधिकारियों ने पंचनामा तैयार कर सभी 150 बैग जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखवा दिए।

यह भी पढ़े :- मध्यप्रदेश की ‘शौर्या दल’ बनी महिला सुरक्षा की साइलेंट आर्मी, सीएम डॉ. मोहन यादव ने अगले 5 साल के लिए दी मंजूरी

किसानों की जान और खेती से खिलवाड़!

कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नकली या अमानक उर्वरक किसानों तक पहुंच जाते, तो फसलों को भारी नुकसान हो सकता था। ऐसे मामलों से किसानों की आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ता है और उत्पादन भी प्रभावित होता है। यही कारण है कि कृषि विभाग ने इस कार्रवाई को बेहद गंभीर माना है।

आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मामला दर्ज

कृषि विभाग की शिकायत पर घंसौर पुलिस ने ग्राम कहानी निवासी अशोक कुमार गोल्हानी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 एवं 7 तथा उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है।

किसानों से अपील – केवल अधिकृत विक्रेताओं से खरीदें उर्वरक

कृषि विभाग ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे किसी भी अवैध तरीके से उर्वरक बेचने वाले व्यक्तियों के बहकावे में न आएं और केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही उर्वरक खरीदें। विभाग ने डीएपी के विकल्प के रूप में एनपीके उर्वरक एवं सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) के उपयोग की सलाह भी दी है।

“नकली खाद माफियाओं पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी”

कृषि विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों से खिलवाड़ करने वाले अवैध उर्वरक कारोबारियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और जिले में ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

घंसौर में अवैध रूप से भंडारित डीएपी उर्वरक जब्त करते कृषि विभाग के अधिकारी
घंसौर में कृषि विभाग द्वारा जब्त किए गए डीएपी उर्वरक के बैग एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है

https://x.com/spshahibjp/status/2006223950553231638?s=20

Dainikyashonnati

Related Articles

Back to top button