आदिवासियों पर अत्याचार की दो वीभत्स घटनाएँ: मांगी CBI जांच
गुलाबी गैंग ने सरकार को दी चेतावनी, एक सप्ताह के भीतर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आमरण अनशन और व्यापक जन आंदोलन होगा
Chhindwara 19 June 2025
छिंदवाड़ा यशो:- मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में आदिवासी समुदाय के साथ दो दर्दनाक घटनाओं ने प्रशासनिक संवेदनशीलता और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुलाबी गैंग की कमाण्डर पूर्णिमा वर्मा ने दोनों मामलों में दोषियों की गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह के भीतर कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो आमरण अनशन और व्यापक जन आंदोलन होगा।
पुलिस हिरासत में आदिवासी युवक की मौत
3 जून को तिगांव मांडवी में आदिवासी युवक को एसआई शिवकरण पांडे व शराब ठेकेदार के गुर्गों द्वारा घर से उठाकर ले जाने और कथित रूप से कस्टडी में बर्बर पिटाई करने के आरोप हैं। मृतक की पत्नी और चश्मदीद महिला रिश्तेदार के अनुसार, युवक पर जबरन शराब अधिनियम की धारा 34(2) लगाकर जेल भेजा गया था, जहाँ से गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
गुलाबी गैंग कमाण्डर पूर्णिमा वर्मा ने जिला प्रशासन से स्पष्ट मांग की कि इस प्रकरण की CBI जांच करवाई जाए और दोषी पुलिसकर्मी तथा जेल अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 7 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती, तो वह जेल के सामने आमरण अनशन पर बैठेंगी।
आदिवासी नाबालिग से 12 दिन तक गैंगरेप
1 जून को एक और सनसनीखेज घटना में छिंदवाड़ा की एक आदिवासी नाबालिग को गांव के दबंगों द्वारा अगवा कर 12 दिन तक बंधक बनाकर गैंगरेप किया गया। पीड़िता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि उसे धमकी देकर पातालेश्वर मंदिर में जबरन विवाह कराया गया और फिर सुनील कंटक सहित कुल सात लोगों ने उसके साथ लगातार दैहिक शोषण किया।
अब तक पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर गुलाबी गैंग ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया है और चेताया है कि यदि दोषी गिरफ्तार नहीं हुए तो वह जिलेभर में उग्र आंदोलन करेगी।
गुलाबी गैंग की चेतावनी
पूर्णिमा वर्मा ने कहा कि “मोहन सरकार के काल में आदिवासी समाज अत्याचारों का शिकार बन रहा है। ये घटनाएँ आदिवासी अस्मिता और अधिकारों के लिए खतरा हैं। अगर अब भी सरकार मौन रही, तो गुलाबी गैंग सड़कों पर उतरेगी और पूरे प्रदेश में आदिवासी हितों की रक्षा के लिए आंदोलन छेड़ेगी।”



