मप्र में आदिवासियों पर अत्याचार का विस्फोट: छिंदवाड़ा बना केंद्र
गुलाबी गैंग और कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ दोनों मैदान में
Chhindwara 19 June 2025
छिंदवाड़ा यशो:-मध्यप्रदेश में आदिवासी समाज पर बढ़ते अत्याचार, दुष्कर्म और पुलिसिया बर्बरता ने गंभीर रूप ले लिया है। छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा की हालिया वीभत्स घटनाओं ने प्रदेशभर के आदिवासी संगठनों और राजनीतिक दलों को सड़कों पर ला खड़ा किया है। एक ओर गुलाबी गैंग ने आमरण अनशन की चेतावनी दी है, तो दूसरी ओर कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए तीखी कार्यवाही की मांग की है।
तिगांव और गुरैया में आदिवासियों के साथ बर्बरता की दो घटनाएं
तिगांव: एक आदिवासी युवक को एसआई शिवकरण पांडे और शराब ठेकेदार के गुर्गों ने घर से जबरन उठा लिया। फर्जी आबकारी प्रकरण में जेल भेजे गए युवक की जेल में मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि हिरासत में बर्बरतापूर्वक मारपीट की गई।
गुरैया-पातालेश्वर: आदिवासी नाबालिग युवती को गांव के दबंगों ने अगवा कर 12 दिन तक गैंगरेप किया। पुलिस ने अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
इन दोनों मामलों में गुलाबी गैंग की कमाण्डर पूर्णिमा वर्मा ने शासन को चेतावनी देते हुए कहा है, “अब अगर आदिवासियों को न्याय नहीं मिला तो गुलाबी गैंग चुप नहीं बैठेगी, जेल तिराहे पर आमरण अनशन होगा।”
कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ का ज्ञापन और चेतावनी
इन्हीं घटनाओं के मद्देनज़र कांग्रेस आदिवासी प्रकोष्ठ ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष रामनारायण परतेती के नेतृत्व में ज्ञापन में कहा गया:
“मप्र में आदिवासियों पर दुष्कर्म, झूठे केस और सामाजिक अपमान के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। शासन और प्रशासन मौन है। कानून व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।”
ज्ञापन में कई अन्य घटनाओं का भी उल्लेख किया गया:
पांढुर्णा में भाऊराव उइके की हिरासत में मौत
तामिया में नाबालिग के साथ दुष्कर्म
राजलवाड़ी में आदिवासी युवक को अर्धनग्न कर घुमाना
जुन्नारदेव, नवेगांव में बलात्कार के मामलों में पुलिस की निष्क्रियता
प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया कि यदि एक सप्ताह में दोषियों पर कठोर कार्यवाही नहीं हुई, तो वे जिलेभर में उग्र आंदोलन करेंगे।
राजनीतिक-सामाजिक चेतावनी एक साथ
यह पहली बार है जब सामाजिक संगठन और राजनीतिक दल एक साथ आदिवासियों के अधिकारों को लेकर आवाज बुलंद कर रहे हैं। यह स्थिति प्रदेश सरकार के लिए गंभीर चेतावनी है। गुलाबी गैंग और कांग्रेस दोनों ही स्पष्ट कर चुके हैं कि अब चुप्पी नहीं, प्रतिकार होगा।



