कुर्सी पर बैठे लुटेरे! पंचायत सचिवों को नोटिस, CEO की बड़ी कार्रवाई”
कुर्सी कांड पर सीईओ की बड़ी कार्रवाई: पंचायतों को नोटिस, दस्तावेज नहीं देने पर होगी कठोर कार्यवाही
Seoni 22 June 2025
“2,000 की कुर्सी 9,990 में! अब जवाब दो या नतीजे भुगतो!”
जनपद पंचायत घंसौर में उफान पर चल रहे बहुचर्चित ‘कुर्सी घोटाले’ पर आखिरकार मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने अपना सख्त रुख दिखा दिया है। पंचायतों को जारी ताजा नोटिस में सीधे शब्दों में कहा गया है – “दस्तावेज दो, नहीं तो कार्रवाई झेलो।”
सिवनी यशो:- जनपद पंचायत घंसौर ने डेढ़ दर्जन ग्राम पंचायतों द्वारा सीमेंट कुर्सियों की नियम विरूद्ध खरीदी में कथित अनियमितताओं की शिकायतो के पश्चात मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ), जनपद पंचायत घंसौर द्वारा नोटिस जारी किया गया है और जारी नोटिस क्रमांक/1054/प.प्र./ज.पंचा./2025) में दलकापांडीवाडा, धूमामाल, बिनौरी, बंदम, गोकलथाना, किंदरई, पौंडी सारसडोल, चरगांव, बीजासेन, कुदबारी, सर्रा, गोरखपुर, बिनैकीकला, रूपदौनमाल, भिलाई, पिपरिया, और पुटरई ग्राम पंचायतों के सचिवों को तत्काल प्रभाव से खरीदी संबंधी सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
18 पंचायतें जांच के घेरे में, लेकिन जवाब ‘शून्य’
यह कार्रवाई तब तेज हुई जब नवसंसार और दैनिक यशोन्नति सहित कई अखबारों में यह मामला प्रमुखता से प्रकाशित हुआ। सूत्रों के अनुसार, मुगनी ट्रेडर्स (छपारा) द्वारा कथित रूप से ₹2,000 की कुर्सियां ₹9,990 में बेची गईं, जो कि स्पष्ट रूप से पंचायती धन का दुरुपयोग और शासन को चूना लगाने की सुनियोजित साजिश है।
नोटिस में लिखा गया – “जानबूझकर अनदेखी”
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत घंसौर द्वारा दिनांक 20 जून 2025 को जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि—
“आपके द्वारा पहले भी दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन आज दिनांक तक कोई भी रिकार्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। इससे यह प्रतीत होता है कि आपने जानबूझकर शासकीय नियमों की अनदेखी कर अनियमित क्रय किया है।”
आज ही रिकार्ड लेकर कार्यालय में उपस्थित हो—वरना कार्रवाई!
सीईओ के नोटिस में चेतावनी दी गई है कि यदि संबंधित रोकड़ बही, बाउचर, क्रय फाइल, कार्यवाही पंजी और फिजिकल रिकार्ड आज ही पेश नहीं किया गया, तो जिला पंचायत को धारा 84 के तहत कार्रवाई हेतु प्रस्ताव भेजा जाएगा।
कौन-कौन घिरे हैं शक के घेरे में?
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18 ग्राम पंचायतों के सचिव
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कुर्सी विक्रेता मुगनी ट्रेडर्स व मालिक जमील खान
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सहयोग देने वाले सरपंच और पंचायत समन्वयक
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बिना स्वीकृति भुगतान करने वाले अधिकारी
“न दस्तावेज, न जवाब – अब नहीं चलेगा बहाना”
नोटिस की भाषा में पहली बार कड़ी प्रशासनिक चेतावनी का लहजा देखने को मिला है। यह दर्शाता है कि अब जनपद पंचायत घंसौर की नई प्रशासनिक रणनीति ‘शून्य सहनशीलता’ की ओर बढ़ रही है।
जनता की प्रतिक्रिया: अब दिख रहा है असर
जनता का कहना है कि अब तक सिर्फ फाइलों में जांच चल रही थी, लेकिन यह नोटिस संकेत देता है कि “अब लूट का हिसाब तय होगा।” कई ग्रामीण संगठनों ने इसे प्रशासन की “सही दिशा में उठाया पहला ठोस कदम” बताया है।
नोटिस की प्रति कहाँ भेजी गई?
यह नोटिस निम्न अधिकारियों को भी भेजी गई है:
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कलेक्टर महोदया, जिला सिवनी
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सीईओ जिला पंचायत सिवनी
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सहायक यंत्री मनरेगा, जनपद पंचायत घंसौर
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खंड पंचायत अधिकारी
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सभी पंचायत समन्वय अधिकारी
क्या अब होगी FIR या जांच एजेंसी का प्रवेश?
जैसे-जैसे नोटिस के बाद की डेडलाइन पास होती जा रही है, पूरे घोटाले पर अब FIR, वसूली, ब्लैकलिस्टिंग और लोकायुक्त जांच की संभावनाएं मजबूत होती जा रही हैं।
✍️ अंतिम सवाल:
क्या दोषियों पर वास्तव में गिरेगी गाज?
या फिर यह भी एक प्रशासनिक तमाशा बनकर रह जाएगा?
जनता अब “अदृश्य हाथों” को भी पहचानना चाहती है और सिर्फ जवाब नहीं, कार्रवाई चाहती है।
“अब घोटाले का फर्नीचर हिलेगा – कुर्सी समेत पूरा सिस्टम खड़खड़ाएगा!”



