सिवनी

प्रधानमंत्री आवास योजना में फर्जीवाड़ा: हितग्राही के नाम से बना मकान, Geotag में दिख रहा दूसरा नाम

Seoni 22 June 2025

सिवनी यशो :- सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत कटिया में प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) के अंतर्गत गंभीर अनियमितता सामने आई है। हितग्राही मनोज परते ने आरोप लगाया है कि उनके नाम पर स्वीकृत आवास का Geotag किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर दर्ज कर दिया गया, जिससे उनका नाम योजना से हट गया है।

मनोज परते, ग्राम कटिया निवासी, ने बताया कि उन्हें वर्ष 2018-19 में पीएम आवास योजना के तहत मकान स्वीकृत हुआ था, जो अभी तक अपूर्ण है। कोरोना काल में वे जनस्वास्थ्य रक्षक के रूप में मण्डला जिले में कार्यरत थे, इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति में ग्राम पंचायत सचिव ने उनके नाम को हटाकर किसी अन्य व्यक्ति का Geotag कर दिया।

एक मकान – दो Geotag, किसके नाम पर गया आवास?

प्रार्थी का दावा है कि जिस व्यक्ति का नाम उनके मकान पर दर्ज है, उसी व्यक्ति को उसी समय पीएम आवास का एक और लाभ मिला है, यानी एक लाभार्थी को दो मकान दर्शाए गए हैं, जो योजना की शर्तों के स्पष्ट उल्लंघन का मामला है।

शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, उल्टा दबाव

मनोज परते ने इस अनियमितता के खिलाफ ग्राम पंचायत सरपंच, तहसील कार्यालय घंसौर, थाना किन्दरई और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 181 पर शिकायत की, लेकिन ग्राम पंचायत सचिव द्वारा उल्टे उन्हें व्हाट्सएप पर अशोभनीय टिप्पणी भेजकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।

वर्तमान स्थिति: मकान अधूरा, नाम योजना से गायब

जहाँ एक ओर मकान का प्लास्टर तक पूरा नहीं हुआ है, वहीं मनोज परते का नाम अब योजना में कहीं भी दर्ज नहीं है। वे आज भी अपने उसी अपूर्ण मकान में निवासरत हैं, पर आधिकारिक रिकॉर्ड में मकान का Geotag किसी और के नाम पर दर्ज हो गया है।

हितग्राही की मांग

उनके नाम से स्वीकृत मकान में उनका ही Geotag पुनः दर्ज किया जाए।

अन्य व्यक्ति का नाम हटाया जाए, जिसे गलत तरीके से लाभ मिला है।

ग्राम पंचायत सचिव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।

प्रशासन से अपेक्षा

ऐसे मामलों में केवल शिकायत दर्ज करना पर्याप्त नहीं, जमीनी जांच, भू-अभिलेख सत्यापन और डुप्लीकेट लाभ की पुष्टि आवश्यक है। यदि जल्द जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह मामला न केवल शासन की योजनाओं में विश्वास को कमजोर करेगा, बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिन्ह लगेगा।

 नोट: पीड़ित हितग्राही मनोज परते ने अपने आवेदन के साथ संबंधित दस्तावेज़ों की छायाप्रति और अन्य हितग्राही का विवरण भी प्रशासन को सौंपा है।

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