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मोती की खेती कर देश की फार्म लेडी बनी चंचल भार्गव
जवाहर लाल नेहरू कृषि अनुसंधान केंद्र में मोतियों की सफल खेती , चंचल भार्गव को मिला फार्म लेडी का सम्मान, सरकार ने सराहा
Chhindwara-11 November 2024
छिंदवाड़ा यशो:- जिले में 3 साल से हो रही मोतियों की खेती (pearl farming) की सफलता (Success) के बाद जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय (Jawaharlal Nehru Agricultural University) में पदस्थ चंचल भार्गव (Chanchal Bhargava) इस खेती के लिए फार्म लेडी (farm lady) के के नाम से नवाजी गई हैं। चंचल भार्गव पर एक डॉक्यूमेंट्री डीडी चैनल ने भी प्रसारित (DD channel also aired the documentary) की है ।
दरअसल पिछले 3 सालों से इस परियोजना की प्रभारी चंचल भार्गव जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय और भारतीय कृषि अनुसंधान केंद्र (Indian Agricultural Research Center) के माध्यम से मोतियों की खेती कर रही है। और 3 वर्षों में वह इस खेती में सफल भी हुई है। 18 से 22 महीना में की जाने वाली इस खेती से खासा मुनाफा देखकर सरकार ने इसे आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी चंचल भार्गव को दी है। जिसके तहत अब महिला स्व सहायता समूह के माध्यम से जिले में मोतियों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है।
चंचल भार्गव की इस मेहनत और लगन की सराहना (Appreciate) भारत सरकार (Government of India) ने भी की है। इसका कारण यह है कि मोतियों की खेती से जिले में एक नए रोजगार की संभावना भी उत्पन्न हुई है। जो खास तौर से महिलाओं के लिए आय का एक बेहतर विकल्प साबित हो सकती है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली (Indian Council of Agricultural Research New Delhi) से वर्ष 2019-20 में आदिवासी उपयोजना प्राप्त कर 18-22 महीने के अंतराल में पहली मोती की फसल हार्वेस्ट की गई। जिसमें केंद्र को अच्छा मुनाफ़ा प्राप्त हुआ। इस वर्ष केंद्र में पुन: मोती की फ़सल हेतु बीज तालाब में डाले गए हैं । आने वाले 18-22 महीने की अवधि में पुन: केंद्र को चमचमाते हुए डिजाइनर मोती प्राप्त होंगे।



