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जलवायु परिवर्तन मानव स्वास्थ्य के लिये गंभीर खतरा – डॉ ठाकुर

राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला संपन्न

Seoni 28 March 2025
सिवनी यशो:- मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ जयपाल सिंह ठाकुर द्वारा बताया गया कि राष्ट्रीय जलवायु परिवर्तन एवं मानव स्वास्थ्य विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि जलवायु परिवर्तन मानव स्वास्थ्य के लिये एक गंभीर खतरा है जो स्वच्छ हवा, पानी, भोजन और आश्रय तक पहुंच को प्रभावित करता है, साथ ही संक्रामक रोगों के प्रसार को भी बढ़ाता है। जलवायु परिवर्तन से स्वच्छ हवा, पानी और भोजन की कमी, स्वास्थ्य के जोखिम, मानसिक स्वास्थ्य एवं स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रभाव,गरीबी एवं स्वास्थ्य असामान्यता जैसे प्रभाव दिखाई देते हैं। जलवायु परिवर्तन और मानव स्वास्थ्य पर प्रभाव कार्यक्रम का उद्देश्य मानव स्वास्थ्य पर पडऩे वाले दुष्प्रभावों के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिये ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन को कम करना होगा एवं जलवायु परिवर्तन के संभावित प्रभावों के लिये तैयार रहना होगा। इसके लिये हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणालियों को मजबूत बनाना और जलवायु परिवर्तन के स्वास्थ्य पर पडऩे वाले प्रभावों के बारे में लोगों को जागरूक करना होगा।

गर्मी से बचाव के दिए टिप्स

जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ वन्दना कमलेश द्वारा बताया गया किगर्मी से संबंधित बीमारियां, लक्षण, कारण, उपचार, हीट स्ट्रोकसे जनहानि हो सकती है। जनहानि को आवश्यक सावधानी की समझाइस आमजनों को देकर इस प्रकोप से बचाया जा सकता है। गर्मी के समय में धूप से जाते समय हमेशा सफेद या हल्के रंग के ढीले कपडों का प्रयोग करना चाहिए। बिना भोजन किये बाहर न निकलें व पानी पीकर ही बाहर निकलें। गर्मी के मौसम में गर्दन के पिछले भाग एवं कान व सिर को गमछे व तौलिया से ढंककर ही निकलें। रंगीन चश्में एवं छतरी का प्रयोग करने हेतु बताया गया। गर्मी में हमेशा पानी अधिक मात्रा में पीयें एवं पेय पदार्थो का अधिक से अधिक मात्रा में सेवन करें।

प्राथमिक उपचार

जिला महामारी नियंत्रण अधिकारी डॉ. कमलेश द्वारा बताया कि रोगी को तुरंत छायादार स्थान पर कपडे ढीले कर लेटा दे एवं हवा करें। रोगी को होश ना आने की दशा में उसे ठण्डे पेय पदार्थ जीवन रक्षक घोल एवं कच्चा आम का पना आदि दें। प्याज का रस ताप नियंत्रण हेतु लगाया जा सकता है। रोगी के शरीर का ताप कम करने के लिए संभव हो तो उसे ठण्डे पानी से स्नान कराये या उसके शरीर पर ठण्डे पानी की पटिटया रखकर पूरे शरीर को ढक दे इस प्रकिया को तब तक दोहराया जाये तब तक शरीर का ताप कम नहीं हो जाता है।

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